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नोएडा का निठारी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी सुरेंद्र कोहली को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में मांगा जवाब

निठारी हत्याकांड मामले में सुरेंद्र कोली को इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा बरी किये जाने के खिलाफ दायर सीबीआई की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुरेंद्र कोहली को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Noida Nithari Case: 2006 के नोएडा के सनसनीखेज निठारी हत्याकांड मामले में आरोपी सुरेंद्र कोली को इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा बरी किये जाने के खिलाफ दायर सीबीआई की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुरेंद्र कोहली को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है।

न्यायमूर्ति बी आर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले में सुनवाई कर रही है। बारह मामलों में कोली और दो मामलों में पंढेर को सुनाई गई मौत की सजा को पलटते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा था कि अभियोजन पक्ष परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर मामले के तय मानदंडों पर उचित संदेह से परे दोनों आरोपियों का अपराध साबित करने में विफल रहा है।

बता दें कि इससे पहले भी पीड़ित पप्पू लाल की ओर से पेश वकील गीता लूथरा सहित अन्य ने कोर्ट से कहा था कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले में गलतियां है। जिसके बाद कोर्ट ने कोहली को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। साथ ही रजिस्ट्री को निचली अदालत एवं हाई कोर्ट से रिकॉर्ड मांगा था। अपनी याचिका में पप्पू लाल ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 16 अक्टूबर के आदेश को चुनौती दी और केवल कोहली को पक्षकार बनाया है। कोली मोनिंदर सिंह पंढेर का घरेलू नौकर था। निचली अदालत ने इस मामले में पंढेर को बरी कर दिया था, जबकि कोली को 28 सितंबर 2010 को मौत की सजा सुनाई थी।

आरोपियों ने अपनी फांसी की सजा को दी थी चुनौती

सीबीआई ने इस मामले की जांच की थी। जिसके बाद सीबीआई ने भी इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। बता दें कि साल 2005 से 2006 में नोएडा में हुए निठारी केस में सीबीआई ने सुरेंद्र कोली को हत्या, अपहरण, बलात्कार और सबूत मिटाने के मामले में आरोपी बनाया था, जबकि मनिंदर सिंह पंढेर को मानव तस्करी का भी आरोपी बनाया गया था। दोनों आरोपियों ने अपनी फांसी की सजा को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। आरोपियों ने कोर्ट में कहा था कि इन घटनाओं का कोई चश्मदीद मौजूद नहीं है। उन्हें सिर्फ वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर ये सजा सुनाई गई है।

पुलिस को मिले थे 19 बच्चों और महिलाओं के कंकाल

गौरतलब है कि 7 मई 2006 को निठारी की एक युवती को पंढेर ने नौकरी दिलाने के बहाने बुलाया था। इसके बाद युवती वापस घर नहीं लौटी। युवती के पिता ने नोएडा के सेक्टर 20 थाने में गुमशुदगी का केस दर्ज कराया था। इसके बाद 29 दिसंबर 2006 को निठारी में मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी के पीछे नाले में पुलिस को 19 बच्चों और महिलाओं के कंकाल मिले थे। पुलिस ने मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया था। बाद में निठारी कांड से संबंधित सभी मामले सीबीआई को स्थानांतरित कर दिए गए थे।

– भारत एक्‍सप्रेस



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