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PM Modi In Kuwait: इंटरव्यू में बोले पीएम मोदी- कुवैत में Make In India उत्पादों को देखकर हुई खुशी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुवैत में द्विपक्षीय व्यापार, ऊर्जा सहयोग और निवेश अवसरों पर जोर दिया, साथ ही भारत और कुवैत के बीच ऐतिहासिक और मित्रवत संबंधों को और मजबूत करने की बात की. उन्होंने भारत के आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे और ग्रीन इनोवेशन में बढ़ते योगदान को भी साझा किया.

PM Modi Interview

Kuwait: भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Indian Prime Minister Narendra Modi) ने शनिवार को कहा कि कुवैत और भारत के बीच व्यापार और वाणिज्य द्विपक्षीय संबंधों के महत्वपूर्ण स्तंभ रहे हैं, और द्विपक्षीय व्यापार में लगातार वृद्धि हो रही है. पीएम मोदी ने कूना को दिए एक साक्षात्कार में कहा, “व्यापार और वाणिज्य हमारे द्विपक्षीय संबंधों के महत्वपूर्ण आधार रहे हैं. हमारे द्विपक्षीय व्यापार में तेजी आई है और हमारी ऊर्जा साझेदारी इस व्यापार में एक अनूठी भूमिका निभाती है.”

प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को कुवैत पहुंचे, यह भारतीय प्रधानमंत्री का कुवैत का चार दशकों में पहला दौरा है. उन्होंने कहा, “हमें कुवैत में ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों की उपस्थिति देखकर खुशी हो रही है, विशेष रूप से ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल मशीनरी, और टेलीकॉम क्षेत्रों में. आज भारत दुनिया भर में उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद बहुत सस्ती कीमतों पर बना रहा है. गैर-तेल व्यापार में विविधता लाना द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने की कुंजी है.”

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि फार्मास्यूटिकल, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी, डिजिटल, नवाचार और वस्त्र क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं और व्यापारिक मंडलियों, उद्यमियों और नवप्रवर्तकों को आपस में अधिक संवाद करना चाहिए.

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कुवैत दौरे के बारे में कहा, “मैं कुवैत आने को लेकर खुश हूं और शेख मेशल अल-अहमद अल-जाबेर अल-सबाह को उनके सादर निमंत्रण के लिए धन्यवाद देता हूं. यह यात्रा विशेष महत्व रखती है, क्योंकि यह 40 वर्षों में भारतीय प्रधानमंत्री का कुवैत का पहला दौरा है.” उन्होंने कुवैत में अरबियन गोल्फ कप के उद्घाटन में शामिल होने के लिए शेख मेशल का आभार व्यक्त किया और टूर्नामेंट की सफलता की शुभकामनाएं दीं.

उन्होंने कहा, “भारत और कुवैत के बीच गहरा और ऐतिहासिक संबंध है. हमारे व्यापार और विचारों के आदान-प्रदान ने दोनों देशों के लोगों को करीब लाया है. हम दोनों देशों के बीच व्यापार से जुड़े ऐतिहासिक पहलुओं को समझ सकते हैं, जैसे कि फयलाका द्वीप पर हुई खोजें जो हमारे साझा अतीत को दर्शाती हैं. भारतीय रुपया कुवैत में 1961 तक वैध मुद्रा था, जो यह दर्शाता है कि हमारी अर्थव्यवस्थाएं कितनी करीबी से जुड़ी थीं.”

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि भारत और कुवैत के बीच संबंध लगातार प्रगति कर रहे हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग के लिए अनगिनत अवसर हैं. उन्होंने कुवैत के अमीर से अपनी आगामी बातचीत का इंतजार किया, जिसमें व्यापार, रक्षा, निवेश और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों पर चर्चा की जाएगी.


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उन्होंने कुवैत में भारतीयों की स्थिति के बारे में भी बात की, जो कुवैत की सबसे बड़ी प्रवासी समुदाय है, और बताया कि भारतीय कंपनियां कुवैत में बुनियादी ढांचे से संबंधित परियोजनाओं पर काम कर रही हैं. मोदी ने कुवैत निवेश प्राधिकरण के भारत में निवेश की सराहना की और कहा कि कुवैत निवेशकों के लिए भारत एक आकर्षक गंतव्य बन चुका है.

प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय अर्थव्यवस्था की तेजी से बढ़ती स्थिति को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत अगले कुछ वर्षों में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए तैयार है. उन्होंने भारत के तेज़ी से बढ़ते बुनियादी ढांचे का उल्लेख किया, जिसमें नए एक्सप्रेसवे, रेलवे, एयरपोर्ट, और मेट्रो सिस्टम शामिल हैं.

भारत के लिए निवेश के अवसरों के बारे में बात करते हुए, मोदी ने कहा कि भारत वैश्विक निवेशकों के लिए एक प्रमुख गंतव्य बन चुका है. इसके अलावा, डिजिटल अर्थव्यवस्था, नवाचार और उद्यमिता क्षेत्र में भी भारत के लिए बड़ी संभावनाएं हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने कुवैत के ऊर्जा क्षेत्र में भारत के सहयोग की अहमियत को बताया. उन्होंने कहा कि ऊर्जा व्यापार भारत और कुवैत के द्विपक्षीय संबंधों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, और दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग में कई नए अवसर हैं. उन्होंने विशेष रूप से ग्रीन हाइड्रोजन, जैव ईंधन और कार्बन कैप्चर जैसी निचले-कार्बन समाधानों में सहयोग की संभावनाओं का उल्लेख किया.

कुवैत और भारत के बीच राजनीतिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के दृष्टिकोण में समानताएं होने की बात की. उन्होंने कुवैत के विज़न 2035 का भी उल्लेख किया, जो कुवैत को एक आर्थिक और कनेक्टिविटी हब बनाने पर केंद्रित है.

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अंत में, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का पर्यटन क्षेत्र भी एक महत्वपूर्ण सॉफ्ट पावर है, और कुवैत जैसे देशों के लिए भारत का इतिहास, संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता एक शानदार अवसर है. उन्होंने कुवैत सरकार और कुवैत में भारतीय समुदाय की भलाई के लिए उनके योगदान को सराहा.

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत और कुवैत के सहयोग को और मजबूत करने का भरोसा जताया, और भारतीय समुदाय के योगदान को बढ़ावा देने की दिशा में दोनों देशों के बीच सहयोग की बढ़ती संभावना की बात की.

-भारत एक्सप्रेस



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