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सुल्तानपुर सर्राफा दुकान में डकैती करने वाले दूसरे आरोपी को भी पुलिस ने एनकाउंटर में किया ढेर

Sultanpur Encounter: सुल्तानपुर डकैती के मामले में एक लाख रुपए के ईनामी बदमाश अनुज प्रताप सिंह को एसटीएफ और यूपी पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया है. वह अमेठी का रहने वाला था.

Sultanpur Encounter

उत्तर प्रदेश पुलिस.

Dipesh Thakur Edited by Dipesh Thakur

Sultanpur Encounter: सुल्तानपुर के ठठेरी बाजार में सर्राफा व्यापारी भरत जी सोनी की दुकान पर 28 अगस्त को हुई डकैती के मामले में एक लाख रुपए के ईनामी बदमाश अनुज प्रताप सिंह को एसटीएफ और यूपी पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया है. वह अमेठी का रहने वाला था.

बताया जा रहा है कि लखनऊ एसटीएफ की टीम के साथ अभियुक्त अनुज और उसके एक साथी की उन्नाव में मुठभेड़ हुई थी. इस मुठभेड़ में अनुज के सिर पर गोली लगी, जबकि उसका साथी गाड़ी से कूद कर भागने में कामयाब हो गया.

इसके बाद पुलिस 108 नंबर पर कॉल करके एंबुलेंस से अभियुक्त को अस्पताल लेकर गई. अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने उसके शव को मुर्दाघर भेज दिया है.

घायल बदमाश था एक लाख रुपए का इनामी

इस पूरे मामले में उन्नाव के एएसपी अखिलेश सिंह ने बताया. “28 अगस्त को सुल्तानपुर में भरत ज्वैलर्स से संबंधित लूट एवं डकैती के संबंध में अभियुक्तों की सोमवार (23 सितंबर) को एसटीएफ लखनऊ की टीम के साथ थाना अचलगंज, उन्नाव में फायरिंग हुई. इस मुठभेड़ में एक बदमाश घायल हुआ जबकि दूसरा भागने में सफल हो गया. घायल व्यक्ति की पहचान अनुज प्रताप सिंह पुत्र धर्मराज सिंह निवासी ग्राम जनकपुर थाना मोहनगंज जनपद अमेठी के रूप में की गई है. घायल बदमाश एक लाख रुपए का इनामी था. घायल बदमाश को उपचार के लिए एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया. अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद उसे जिला अस्पताल उन्नाव भेजा गया. जिला अस्पताल में अभियुक्त को चिकित्सक द्वारा मृत घोषित कर दिया गया. ”

कब का है मामला

बता दें कि 28 अगस्त को सुल्तानपुर में सर्राफा व्यापारी भरत जी सोनी की दुकान में कुछ लोगों ने डकैती की थी. अनुज व उसके चार साथियों ने दुकान के मालिक भरत जी पर पिस्टल तान कर दुकान में डकैती की थी. इस मामले में स्थानीय पुलिस ने घटना का वीडियो जारी किया था. इस वीडियो में अनुज ही दुकान में सबसे पहले घुस कर पिस्टल तानते दिख रहा है. उसके बाद उसके चार साथी मंगेश, अरबाज, फुकरान, अंकित दुकान में घुसे थे.

इससे पहले 5 सितंबर को एक अन्य आरोपी मंगेश यादव को भी पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था. मंगेश और उसके एक साथी की मुठभेड़ एसटीएफ के साथ हुई थी. इनमें मंगेश यादव की मौत हो गई थी, जबकि दूसरे आरोपी अजय यादव के पैर में गोली लगी थी, जिसका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है.



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