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राजघराने का विवाद थमा: सिटी पैलेस के गेट खुले, लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने जताई खुशी

25 नवंबर को दिवंगत महेंद्र सिंह मेवाड़ के बेटे विश्वराज सिंह मेवाड़ का चित्तौड़गढ़ में राजतिलक हुआ था. उसके बाद वे सिटी पैलेस में धूणी माता के दर्शन के लिए जाने वाले थे. इसको लेकर उनके चाचा ने वकिल के जरिए न्यूज पेपर में एक आम सूचना जारी की थी. जिसमें उन्होने कहां कि पैलेस में अनाधिकृत व्यक्तिों के प्रवेश को लेकर रोक रहेगी. इसी के कारण क्षत्रिय समाज के लोगों में आक्रोश पैदा हो गया था.

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Vikash Jha Edited by Vikash Jha

उदयपुर के पूर्व राजपरिवार में राजतिलक की रस्मों को लेकर छिड़ा विवाद अब थम गया है. इसके साथ ही सिटी पैलेस के दरवाजे गुरुवार शाम 6 बजे खोल दिए गए हैं. 25 नवंबर से राजघराने में चल रहे विवाद के बाद से ही सिटी पैलेस के दरवाजे बंद थे, जो अब खुल चुके हैं.

दरअसल 25 नवंबर को दिवंगत महेंद्र सिंह मेवाड़ के बेटे विश्वराज सिंह मेवाड़ का चित्तौड़गढ़ में राजतिलक हुआ था. उसके बाद वे सिटी पैलेस में धूणी माता के दर्शन के लिए जाने वाले थे. इसको लेकर उनके चाचा ने वकिल के जरिए न्यूज पेपर में एक आम सूचना जारी की थी. जिसमें उन्होने कहां कि पैलेस में अनाधिकृत व्यक्तिों के प्रवेश को लेकर रोक रहेगी. इसी के कारण क्षत्रिय समाज के लोगों में आक्रोश पैदा हो गया था.

राजतिलक के बाद जब विश्वराज सिंह मेवाड़ धूणी के दर्शन के लिए सिटी पैलेस पहुंचे तो वहां पर पहले से ही दरवाजे बंद थे. दोनों पक्षों के बीच विवाद इस कदर बढ़ा की नौबत पथराव तक आ गई. उसके बाद से ही पैलेस के दरवाजे बंद थे. जिन्हें आज फिर से टूरिस्ट के लिए खोल दिया गया है. इस मौके लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने प्रशासन को धन्यवाद भी दिया.

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लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बहुत खुशी की बात है कि राजमहल के द्वार खुल चुके हैं. उसी जोश और उत्साह के साथ में यह द्वार फिर से खुल चुके हैं. राजमहल अब सभी सैलानियों, पर्यटकों और अपने लोगों का फिर से स्वागत करने के लिए तैयार है. फिर से सौहार्द का माहौल कायम हुआ है. अब राजमहल में एंट्री शुरू हो जाएगी.

-भारत एक्सप्रेस



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