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रक्षा कर्मचारियों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से 12 अहम मांगों को पूरा करने की अपील की

साल के अंत में, अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक पत्र भेजकर रक्षा कर्मचारियों की 12 अहम मांगों को पूरा करने की अपील की है.

Finance Minister Nirmala Sitharaman

साल के अंत में, अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक पत्र भेजकर रक्षा कर्मचारियों की 12 अहम मांगों को पूरा करने की अपील की है. महासंघ ने इस पत्र में कहा है कि आगामी केंद्रीय बजट 2025-26 में इन मांगों पर सरकार का सकारात्मक रुख दिखाई देना चाहिए.

महासचिव श्रीकुमार ने लिखा पत्र

अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ के महासचिव सी. श्रीकुमार ने 29 दिसंबर को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा. इस पत्र में जिन मुख्य मांगों का उल्लेख किया गया है, उनमें प्रमुख हैं:

1. पुरानी पेंशन का पुनर्निर्माण
2. आठवें वेतन आयोग का गठन
3. आयकर में दस लाख रुपये तक की छूट
4. तीन लाख रिक्त पदों को भरना
5. आयुध निर्माणियों के निगमित होने के निर्णय को वापस लेना

आयुध निर्माणियों का निगमित होना विवादास्पद

पत्र में श्रीकुमार ने यह भी कहा कि सरकार ने 41 आयुध कारखानों को निगमित कर दिया है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण हैं. महासंघ का कहना है कि यह कदम पांच रक्षा मंत्रियों द्वारा दिए गए लिखित आश्वासनों का उल्लंघन है. उन्होंने मांग की है कि यह निर्णय वापस लिया जाए.

रिक्त पदों पर मांग

देश में रक्षा क्षेत्र सहित विभिन्न सरकारी विभागों में कुल 13 लाख से अधिक पद खाली हैं। महासंघ ने सरकार से इन रिक्त पदों को भरे जाने की अपील की है. इसके अलावा, उन्होंने एनपीएस (नई पेंशन योजना) और यूपीएस (उम्र की पेंशन योजना) को वापस लेने की भी मांग की है.

डीए और फेस्टिवल एडवांस की बहाली

महासंघ ने कोविड-19 के दौरान 18 महीने के बकाया डीए (महंगाई भत्ता) और फेस्टिवल एडवांस की बहाली की भी मांग की है. इसके अलावा, उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि राष्ट्रीय परिषद (जेसीएम) द्वारा कर्मचारियों के लिए स्वीकृत महोत्सव अग्रिम की राशि को 30,000 रुपये प्रति वर्ष किया जाए.

सीजीएचएस सुविधाओं में सुधार की मांग

महासंघ ने केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए सीजीएचएस (केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना) के तहत चिकित्सा सुविधाओं में सुधार की मांग की है. विशेष रूप से, उन्होंने अस्पतालों द्वारा अधिक राशि वसूलने की शिकायतों का समाधान करने, अधिक वेलनेस सेंटर स्थापित करने और डॉक्टरों की कमी को दूर करने की बात की है.

संसदीय स्थायी समिति की सिफारिशों का पालन करने की अपील

महासंघ ने संसदीय स्थायी समिति की सिफारिशों को लागू करने की भी मांग की है, जिसमें पेंशनभोगियों के लिए अतिरिक्त पेंशन और चिकित्सा भत्ते की वृद्धि शामिल है.

न्यायालय के निर्णयों का पालन

कर्मचारी महासंघ ने यह भी कहा कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के सेवा मामलों पर न्यायालय के निर्णयों को लागू नहीं कर रही है, और उन्होंने इन निर्णयों का पालन करने की अपील की है.

आने वाले केंद्रीय बजट पर निगाहें

अब सबकी नजरें केंद्रीय बजट 2025-26 पर हैं, जिसमें इन मांगों को शामिल करने की उम्मीद जताई जा रही है. एटक, एचएमएस, सीटू और इंटक सहित 10 प्रमुख केंद्रीय यूनियनों ने भी अपने संयुक्त प्रस्ताव वित्त मंत्री को सौंपे हैं, जिनमें इन सभी मांगों को समाविष्ट किया गया है.

-भारत एक्सप्रेस 



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