सीबीआई कोर्ट
अहमदाबाद की सीबीआई मामलों की विशेष अदालत (कोर्ट नंबर-07) ने बीमा धोखाधड़ी के एक मामले में दो दोषियों को पांच साल की कठोर कारावास (Rigorous Imprisonment) और कुल 17.2 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. दोषियों में एसआरजे एसोसिएट्स के हसन अबू सोनी, जो मार्क्स केमिकल और एसआरजे एसोसिएट्स के पार्टनर हैं, और संजय रमेश चित्रे, सर्वेयर/लॉस असेसर शामिल हैं.
सीबीआई ने यह मामला 30 जनवरी 2003 को दर्ज किया था. आरोप था कि न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (NIACL), नवसारी के तत्कालीन वरिष्ठ मंडलीय प्रबंधक ने निजी व्यक्तियों के साथ साजिश रचते हुए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बीमा दावे पास किए. इस फर्जीवाड़े से कंपनी को क्रमशः 4,41,145 रुपये और 4,94,712 रुपये का नुकसान हुआ. मामले की जांच पूरी होने के बाद, सीबीआई ने 24 जून 2005 को दोषियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की.
सुनवाई के दौरान सबूत और गवाह पेश किए गए:
मुकदमे के दौरान 38 गवाहों के बयान दर्ज किए गए और 255 दस्तावेजों को अदालत में पेश किया गया. इन सबूतों से साबित हुआ कि दोषियों ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बीमा दावे प्राप्त किए.
कोर्ट का फैसला:
विशेष न्यायाधीश ने सुनवाई के बाद दोषियों को दोषी ठहराया और पांच साल की कठोर कारावास और कुल 17.2 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. वहीं, मामले में शामिल सरकारी कर्मचारी के खिलाफ आरोप उनके निधन के कारण समाप्त कर दिए गए. सीबीआई का कहना है कि इस फैसले से ऐसे धोखाधड़ी के मामलों में शामिल लोगों को कड़ा संदेश जाएगा.
-भारत एक्सप्रेस
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