सांकेतिक फोटो
Pakistan Ceasefire Violation: पाकिस्तान लगातार नियंत्रण रेखा (LoC) पर तनाव बढ़ाने की साजिशें रच रहा है. बुधवार को राजौरी जिले में एलओसी पार से भारतीय क्षेत्र में फायरिंग की गई, जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया. इसी बीच जम्मू के अखनूर सेक्टर में तारबंदी के पास हुए आईईडी विस्फोट के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और नियंत्रण रेखा की समीक्षा की जा रही है.
लगातार दूसरे दिन भी सेना ने अखनूर में एलओसी से सटे इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया. सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. सूत्रों के अनुसार, आतंकियों ने भारतीय सैनिकों को निशाना बनाने के लिए तीन से चार किलोग्राम का आईईडी लगाया था.
आतंकियों को पाकिस्तान का समर्थन
खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आतंकियों ने पहले उस स्थान की रेकी की थी जहां भारतीय जवान नियमित रूप से गश्त करते हैं. इस हमले को अंजाम देने में पाकिस्तान ने आतंकियों की पूरी मदद की, क्योंकि बिना पाकिस्तानी सहयोग के एलओसी के पास तारबंदी के नजदीक आईईडी लगाना संभव नहीं था.
दो जवान शहीद, एक घायल
अखनूर सेक्टर में मंगलवार को हुए आईईडी विस्फोट में सेना के कैप्टन करमजीत सिंह बख्शी (झारखंड निवासी) और नायक मुकेश सिंह मन्हास (सांबा, जम्मू-कश्मीर निवासी) शहीद हो गए. इस विस्फोट में एक अग्निवीर नमन सिंह घायल भी हुआ, लेकिन अब उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है.
पाकिस्तान ने फिर किया सीजफायर का उल्लंघन
इस हमले के बाद पाकिस्तान ने एक और नापाक हरकत करते हुए एलओसी के बालाकोट सेक्टर में फायरिंग की. हालांकि, भारतीय सेना की मुस्तैदी के चलते इस गोलीबारी में किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं मिली है.
एलओसी पर बढ़ी सतर्कता
पाकिस्तान की इन हरकतों से नियंत्रण रेखा पर तनाव बढ़ गया है. भारतीय सेना और सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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