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केंद्र सरकार की योजना: राज्यों को हमेशा 6 महीने का टीबी दवाइयों का स्टॉक उपलब्ध कराया जाएगा

केंद्र सरकार राज्यों को हमेशा 6 महीने का टीबी दवाइयों का स्टॉक उपलब्ध कराना चाहती है. यह कदम भारत सरकार के टीबी समाप्ति लक्ष्य को पूरा करने के लिए उठाया गया है.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

सरकार एक योजना पर काम कर रही है, जिसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के पास हमेशा 6 महीने तक की ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) दवाइयों और डायग्नोस्टिक किट्स का भंडार सुनिश्चित किया जाएगा. यह कदम इस वर्ष के अंत तक इस संक्रामक श्वसन रोग को समाप्त करने के भारत सरकार के लक्ष्य को पूरा करने के लिए उठाया जा रहा है.

वर्तमान में, केंद्र सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सभी राज्यों के पास कम से कम 3 महीने का टीबी दवाइयों का भंडार हो, ताकि मरीजों का इलाज किया जा सके.

7 दिसंबर को केंद्र सरकार ने “टीबी-मुक्त भारत अभियान” की शुरुआत की थी, जिसके तहत 100 दिन में 455 जिलों में 110 मिलियन से अधिक कमजोर व्यक्तियों की जांच की गई है. अब तक 4 लाख से अधिक मरीजों की पहचान की गई है और उनका इलाज शुरू किया गया है. 2024 में 2.6 मिलियन टीबी मरीजों की पहचान की गई है.

केंद्र सरकार की केंद्रीय टीबी विभाग की उप महानिदेशक डॉ. उर्वशी बी. सिंह ने कहा, “हमने एक नई रणनीति अपनाई है जिसमें असंक्रमित या लक्षणहीन टीबी को पहचानने की कोशिश की जा रही है, जो समुदाय में टीबी के प्रसार में योगदान करती है. यह रणनीति न केवल संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ेगी बल्कि समय से पहले पहचान और उपचार के द्वारा टीबी की घटनाओं और मृत्यु दर को भी कम करेगी.”

डॉ. सिंह ने यह भी कहा, “सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास पर्याप्त दवाइयों और डायग्नोस्टिक किट्स का स्टॉक हो. फिलहाल, सभी राज्यों के पास 3 महीने से अधिक का स्टॉक है, कुछ के पास 6 महीने तक का स्टॉक उपलब्ध है.” आगे चलकर योजना यह है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास हमेशा 6 महीने का दवाइयों का स्टॉक उपलब्ध रहे.

केंद्र सरकार इस वर्ष के अंत तक टीबी को समाप्त करने के अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है, जो संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की 2030 की समयसीमा से पांच साल पहले का लक्ष्य है.

भारत ने 6 महीने की मल्टीड्रग-रेसिस्टेंट ट्यूबरकुलोसिस (MDR-TB) उपचार योजना “BPaL” (Bedaquiline, Pretomanid और Linezolid) को लागू किया है, जो उच्च सफलता दर और उपचार परिणाम प्रदान करता है. ये दवाइयाँ मरीजों को सरकारी और निजी सेटअप दोनों में मुफ्त प्रदान की जाती हैं.

टीबी मरीजों के लिए पोषण समर्थन की व्यवस्था भी सरकार ने की है. पिछले साल से, टीबी मरीजों और उनके परिवारों को उपचार के दौरान उनकी आहार संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए फूड बास्केट दी जा रही है.



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