Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

क्या केदारनाथ धाम की पवित्रता पर मंडरा रहा है खतरा? गैर-हिंदुओं पर प्रतिबंध की चर्चा ने मचाया सियासी तूफान

केदारनाथ धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की चर्चा ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. भाजपा इसे पवित्रता की रक्षा का कदम बता रही है, तो कांग्रेस ने इसे राजनीतिक चाल करार दिया.

Kedarnath Dham

Non-Hindu Entry Ban: केदारनाथ धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश और उनकी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने को लेकर चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं. इस मुद्दे पर केदारनाथ से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की विधायक आशा नौटियाल ने अहम जानकारी साझा की है. विधायक ने दावा किया है कि कुछ गैर-हिंदू तत्व इस पवित्र धार्मिक स्थल की गरिमा को ठेस पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं.

विधायक आशा नौटियाल का बयान

आशा नौटियाल ने कहा कि कुछ गैर-हिंदू तत्व केदारनाथ धाम की पवित्रता को नुकसान पहुंचाने में जुटे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग धाम में मांस, मछली और शराब जैसी चीजें परोस रहे हैं, जो इस तीर्थस्थल की मर्यादा के खिलाफ है. विधायक ने बताया कि ऐसे तत्वों को चिह्नित करने और उनके प्रवेश पर रोक लगाने की योजना पर काम किया जा रहा है.

उन्होंने यह भी खुलासा किया कि हाल ही में प्रदेश के प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा ने इस मुद्दे पर अधिकारियों और स्थानीय लोगों के साथ बैठक की थी. बैठक में यह सुझाव सामने आया कि गैर-हिंदू तत्वों द्वारा केदारनाथ धाम को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है, जिसके चलते उनकी पहचान कर प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की जरूरत है.

कांग्रेस ने लगाया राजनीति का आरोप

भाजपा विधायक के इस बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश सिंह रावत ने कहा कि सनसनीखेज बयान देना भाजपा नेताओं की पुरानी आदत है. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देवभूमि के नाम से जाना जाता है, लेकिन भाजपा इसे धर्म की राजनीति में घसीट रही है. रावत ने आरोप लगाया कि भाजपा के पास जनता को दिखाने के लिए कोई ठोस काम नहीं है, इसलिए वह इस तरह के मुद्दों को उठाकर धार्मिक ध्रुवीकरण करने की कोशिश कर रही है.

सियासी विवाद गहराया

इस मुद्दे ने अब सियासी रंग ले लिया है. जहां भाजपा इसे धार्मिक स्थल की पवित्रता से जोड़कर पेश कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे धार्मिक आधार पर राजनीति करने का हथकंडा करार दे रही है. दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है, जिससे यह विवाद और गहराता जा रहा है.

आगे क्या?

केदारनाथ धाम हिंदुओं के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं. ऐसे में इस तरह के विवाद से न केवल धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं, बल्कि उत्तराखंड की शांत छवि पर भी सवाल उठ रहे हैं. अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार और प्रशासन इस मुद्दे पर क्या कदम उठाते हैं.


इसे भी पढ़ें- बड़ी खबर! लश्कर के मोस्ट वांटेड आतंकी अबू कताल सिंघी की हत्या, हाफिज सईद का था करीबी, कई हमलों की रची थी साजिश


-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital