वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने रिकॉर्ड 174 एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट (APA) पर हस्ताक्षर किए हैं. यह अब तक का सबसे अधिक संख्या में हुए समझौते हैं. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने यह जानकारी दी.
APA योजना का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय लेन-देन में ट्रांसफर प्राइसिंग को लेकर कंपनियों को कर स्थिरता (Tax Certainty) देना है. इसके तहत 5 साल तक के लिए कर मूल्य निर्धारण की पद्धति तय की जाती है.
डबल टैक्स से बचाव में मदद
बाइलेटरल APA (BAPA) का फायदा यह है कि इससे दोहरी कराधान (Double Taxation) से बचाव होता है. इस साल 65 बाइलेटरल APA साइन किए गए, जो किसी भी वित्त वर्ष में सबसे ज्यादा हैं.
CBDT के अनुसार, 2023-24 में 125 APA, जबकि 2022-23 में 95 APA पर हस्ताक्षर हुए थे. इस साल पहला मल्टीलेटरल APA (MAPA) भी साइन किया गया, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है.
इन देशों से हुआ समझौता
CBDT ने बताया कि ये APAs ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, ब्रिटेन और अमेरिका के साथ आपसी सहमति से किए गए हैं.
वहीं, इस साल फ्रांस, जापान और जर्मनी ने कोई APA साइन नहीं किया, जबकि अमेरिका ने 142 समझौते किए.
अब तक कुल 815 APA साइन
अब तक भारत ने कुल 815 APA साइन किए हैं, जिनमें 615 यूनिलेटरल APA (UAPA), 199 बाइलेटरल APA (BAPA) और 1 मल्टीलेटरल APA (MAPA) शामिल हैं.
CBDT ने कहा कि APA कार्यक्रम से व्यवसाय करने में आसानी (Ease of Doing Business) बढ़ी है. खासतौर पर बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) को इसका लाभ मिला है, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार में शामिल हैं.
CBDT ने करदाताओं को इस सफलता का अहम भागीदार बताते हुए उनके सहयोग की सराहना की है.
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-भारत एक्सप्रेस
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