Bharat Express DD Free Dish

मार्च 2025 में नेट GST कलेक्शन 7.3% बढ़कर ₹1.76 लाख करोड़ पहुंचा

मार्च 2025 में भारत का नेट GST संग्रह 7.3% बढ़कर ₹1.76 लाख करोड़ हो गया. ग्रॉस GST 9.9% बढ़ा, जबकि रिफंड में 41.2% की वृद्धि हुई.

GST Collection

(प्रतीकात्मक तस्वीर: IANS)

Prashant Rai Edited by Prashant Rai

मार्च 2025 में भारत का नेट वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह 7.3% बढ़कर ₹1.76 लाख करोड़ हो गया. सरकार द्वारा जारी अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, यह फरवरी 2025 के ₹1.62 लाख करोड़ से अधिक रहा. फरवरी में साल-दर-साल (Y-o-Y) आधार पर 8.1% की वृद्धि दर्ज की गई थी.

ग्रॉस GST और रिफंड में उछाल

मार्च 2025 में ग्रॉस GST संग्रह 9.9% बढ़कर ₹1.96 लाख करोड़ हो गया. घरेलू रिफंड 2.8% बढ़े, जबकि कुल रिफंड (जिसमें आयात पर मिले रिफंड भी शामिल हैं) 41.2% बढ़कर ₹0.19 लाख करोड़ तक पहुंच गया. वित्त वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) में कुल रिफंड 16.4% की वृद्धि के साथ ₹2.52 लाख करोड़ रहा.

पूरे वित्त वर्ष 2024-25 में कुल ग्रॉस GST संग्रह की वृद्धि दर 9.4% रही, जो वित्त वर्ष 2023-24 के 11.7% की तुलना में धीमी थी. वहीं, नेट GST संग्रह में 8.6% की वृद्धि दर्ज की गई, जो बजट में संशोधित अनुमान 10.9% से कम रही.

विशेषज्ञों की राय

KPMG के टैक्स विशेषज्ञ अभिषेक जैन के अनुसार, लगभग 10% की ग्रॉस GST वृद्धि से अर्थव्यवस्था की स्थिरता और कंपनियों द्वारा बेहतर टैक्स अनुपालन का संकेत मिलता है. उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष के अंत में समायोजन और मिलान के कारण अगले महीने की GST वसूली में और वृद्धि हो सकती है.

PwC इंडिया के पार्टनर प्रतीक जैन ने मार्च में सिंगल-डिजिट GST वृद्धि पर चिंता जताई. उन्होंने कहा, “GST संग्रह में धीमी वृद्धि सरकार के लिए चिंता का विषय हो सकती है. इसका एक कारण उच्च रिफंड भी हो सकता है. GST ऑडिट और जांच को मजबूत करने की जरूरत होगी, साथ ही खपत में आई गिरावट पर भी ध्यान देना होगा.”

राज्यों की परफॉर्मेंस

कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जबरदस्त वृद्धि देखने को मिली. त्रिपुरा (32%), बिहार (30%), सिक्किम (30%), मेघालय (26%) और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह (60%) ने मार्च 2025 में दहाई अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की.

हालांकि, जम्मू-कश्मीर (-1%), हिमाचल प्रदेश (-3%), मणिपुर (-18%) और दादरा और नगर हवेली व दमन और दीव (-15%) में गिरावट दर्ज की गई.

EY के टैक्स पार्टनर सौरभ अग्रवाल ने कहा, “बिहार, त्रिपुरा, मेघालय, छत्तीसगढ़, गोवा, लक्षद्वीप और अंडमान व निकोबार में GST संग्रह में बढ़ोतरी संतुलित आर्थिक विस्तार का संकेत देती है.”


ये भी पढ़ें- भारत 2047 तक बन सकता है दुनिया का प्रमुख क्लीन पावर निर्यातक


-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read