दिल्ली के साकेत कोर्ट ने 8 साल पहले हुई छह साल की बच्ची से बलात्कार के आरोप में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि दोषी को किसी भी तरह की नरमी का हकदार नहीं है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनु अग्रवाल ने आईपीसी और पॉक्सो के तहत एक व्यक्ति को दोषी ठहराया है.
अदालत ने कहा कि बाल यौन शोषण के व्यापक और गंभीर परिणाम हो सकते हैं. यह पीड़ित के मनोविज्ञान और शारिरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, जिससे उसे जीवन भर परेशानी झेलनी पड़ती हैं. बच्चे को बहुत अधिक आघात का सामना करना पड़ता है.
अदालत ने वर्ष 2017 में हुए इस अपराध की गंभीरता और व्यक्ति की अपराध के दौरान पीड़िता को चोट पहुचाएं जाने की बात पर गौर किया. उसने कहा कि दोषी किसी भी तरह की नरमी का हकदार नहीं है. व्यक्ति ने बच्ची का उस समय अपहरण कर लिया था, जब वह पार्क में खेलने गई थी और उसने उसके साथ बलात्कार किया था.
-भारत एक्सप्रेस
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