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गर्मी के मौसम में लू से बचाव के प्रभावी उपाय और स्वास्थ्य टिप्स, जानिए कैसे रखें खुद को सुरक्षित और स्वस्थ रखें इस तेज़ गर्मी में

गर्मी के मौसम में लू लगने से बचने के लिए कुछ सावधानियां जरूरी हैं, जैसे सिर को ढककर निकलना, ठंडी चीज़ें खाना और पानी पीना, और सही समय पर इलाज करना.

Aarika Singh Edited by Aarika Singh

गर्मी का मौसम हमारी सेहत के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि इस दौरान हमारे शरीर की कार्यप्रणाली कमजोर हो जाती है और स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. मौसम में बदलाव और अस्वस्थ जीवनशैली कई नई परेशानियों का कारण बन सकते हैं. तो आइए, जानते हैं कुछ महत्वपूर्ण बातें जो गर्मी के दिनों में हमारे रोज के जीवन को सहज और आरामदायक बना सकती हैं.

लू लगना क्या है?

सामान्य शरीर का तापमान 98.6°F (37°C) होता है. जब तेज धूप या गर्म हवाओं के कारण शरीर का तापमान बढ़ जाता है और शरीर उसे संतुलित नहीं कर पाता, तो इसे लू (सन स्ट्रोक) लगना कहते हैं. इस दौरान शरीर से अधिक पसीना निकलता है, जिससे पानी और नमक की कमी हो जाती है, और अंततः पसीना आना भी बंद हो सकता है. यदि समय रहते इलाज न किया जाए, तो यह जीवन के लिए गंभीर संकट का कारण बन सकता है.

लू कब लगती है?

लू आमतौर पर गर्मी के मौसम में जो कि अप्रैल से जून तक के महीनों में विशेष रूप से लगता है. लू दिन के 11 बजे से 3 बजे तक की धूप में लग सकती है. शरीर की थकावट और कमजोर स्थिति, विशेषकर जब हम बिना किसी बचाव के सीधे तेज धूप में निकलते हैं, तो लू लगने का खतरा बढ़ जाता है.

लू लगने के लक्षण

लू लगने पर शरीर का तापमान अचानक बढ़ जाता है और इसके परिणामस्वरूप निम्नलिखित लक्षण दिखाई देते हैं:
तेज़ बुखार, बेहोशी, अत्यधिक कमजोरी, थकान (मन और शरीर दोनों स्तर पर), चक्कर आना, तेज़ सिरदर्द, उल्टी, मुंह का सूखना, लगातार प्यास लगना, बेचैनी, दस्त, मांसपेशियों में दर्द, आदि.

लू से कैसे बचें?

लू से बचने के लिए आपको अपनी सावधानी और देखभाल पर ध्यान देना होगा.आपको गर्मी में घर से बाहर निकलते समय निम्नलिखित उपायों का पालन करें:
सिर को पूरी तरह से ढक कर बाहर निकलें, ढीले, सूती कपड़े पहनें, पैदल चलने से बचें, और छाता लेकर चलें, भरपूर पानी पिएं और पानी की बोतल साथ रखें, ठंडी चीज़ें जैसे जौ का सत्तू, दही, छाछ, शिकंजी, ग्लूकोज आदि का सेवन करें.

गर्मी के दिनों में क्या ना करें?

बाहर से लौटने के तुरंत बाद पानी न पिएं और नहाएं नहीं, गर्मी के दिनों में जब भी आप कहीं बाहर से आये तो एसी या कुलर के पास तुरंत बैठने से बचें, प्यास लगी हो तो गुनगुना पानी पिएं, तले-भुने और गरिष्ठ खाद्य पदार्थों का सेवन न करें, भरपेट भोजन से बचें, और दिन में कई बार खाने से बचें, चाय और कॉफी का सेवन न करें.\

लू लगने पर क्या करें?

जब लू लग जाएं तो हाथ और पैरों के तलवों पर जौ के आटे का कई बार लेपन करें, और ठंडे कमरे में आराम करें.
लू में उपयोगी होम्योपैथिक दवाएं

कुछ होम्योपैथिक दवाएं लू लगने के समय काफी प्रभावी हो सकती हैं:

ग्लोनाइन: यह दवा धूप के कारण मस्तिष्क और शरीर में होने वाले लक्षणों के लिए उपयुक्त है. लक्षण जैसे पलकों का न झपकना, सांस लेने में कठिनाई, उल्टी, तेज दिल की धड़कन, सिर में तेज दर्द और चटकती हुई प्यास में मदद करती है. 30 या 200 पोटेंसी उपयुक्त रहती है.

नेट्रम म्यूर: यह दवा शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मदद करती है. लक्षण जैसे मुंह का सूखना, सिरदर्द, चक्कर, बुखार और प्यास में उपयोगी है. खासकर जो लोग प्रतिदिन धूप में निकलते हैं, उन्हें धूप में जाने से कुछ घंटे पहले इसे एक बार लेना चाहिए. इसकी 200 पोटेंसी सबसे उपयुक्त है.

यह ध्यान रखें कि लू लगने पर इन दवाओं का उपयोग किसी विशेष लक्षण के आधार पर नहीं, बल्कि सामान्य तौर पर किया जा सकता है, क्योंकि ये दवाएं लू के प्राय: हर अवस्था में प्रभावी रहती हैं.

इस तरह से, गर्मी के मौसम में उचित देखभाल और सावधानियों के साथ हम लू और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से बच सकते हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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