Haryana News: हरियाणा के सिरसा जिले के रहने वाले एक साधारण सैलून चलाने वाले शख्स को आयकर विभाग की ओर से 37.87 करोड़ रुपये का नोटिस मिला है. रोजाना 500 रुपये से भी कम कमाने वाले राकेश कुमार अब गहरे तनाव में हैं. उन्हें शक है कि किसी ने उनके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर फर्जी कंपनी बनाई है. अब 9 अप्रैल तक जवाब देना है.
राकेश कुमार पिछले 10 साल से डेरा सच्चा सौदा के पास एक सैलून चला रहे हैं. 29 मार्च को जब वे दुकान पर नहीं थे, तो पोस्टमैन ने उनके नाम का लिफाफा पास की एक दुकान पर दे दिया. बाद में उस दुकानदार ने यह लिफाफा राकेश को सौंपा.
अंग्रेजी में नोटिस, पढ़ नहीं पाए राकेश
राकेश ने बताया कि लिफाफे पर उनका नाम लिखा था, लेकिन अंदर की सारी जानकारी अंग्रेजी में थी. राकेश सिर्फ पांचवीं तक पढ़े हैं, इसलिए वे इसे समझ नहीं पाए. उन्होंने किसी जानकार से मदद ली, जिसने बताया कि यह 37 करोड़ 87 लाख 61 हजार 561 रुपये का इनकम टैक्स नोटिस है.
शुरुआत में राकेश को लगा कि शायद नोटिस किसी और के लिए होगा. लेकिन जब जानकार ने बताया कि इसमें उनके और उनके पिता के नाम भी लिखे हैं, तो वह चौंक गए. राकेश को शक है कि साल 2020-21 में उन्होंने ‘धनी ऐप’ से 10,000 रुपये का लोन लिया था, जिसे उन्होंने चुका भी दिया था. संभव है, तभी उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग हुआ हो.
डीसी कार्यालय से भेजा गया थाने
नोटिस मिलने के बाद राकेश ने तुरंत नॉटरी से हलफनामा बनवाया और डीसी ऑफिस शिकायत दर्ज कराने गए. लेकिन वहां के कर्मचारियों ने उनकी शिकायत लेने से इनकार कर दिया और उन्हें चौपटा थाने जाने को कहा.
इसके बाद राकेश शनिवार को नथूसरी चौपटा थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दी. पुलिसकर्मी ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे मामले की जांच करेंगे. हालांकि राकेश और उनका परिवार अब भी डरे हुए हैं और कुछ समझ नहीं पा रहे कि आगे क्या होगा.
टूटी-फूटी हालत में रहता है परिवार
राकेश ने बताया कि उनका घर पंचायत की जमीन पर दो कमरों का है, जो काफी जर्जर हालत में है. बाकी जमीन कच्ची है. उनके पास कोई अन्य संपत्ति नहीं है. घर का खर्च सैलून से चल रहा है. उनके पिता दर्जी हैं और पत्नी व मां गृहिणी हैं. दो छोटे बच्चे भी हैं.
पूर्व सरपंच ने की राकेश की मदद
गांव की पूर्व सरपंच मंजू देवी ने बताया कि राकेश आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जरूरत पड़ने पर अक्सर उधार लेते हैं. उन्होंने कहा कि यह नोटिस किसी गलती का नतीजा है और आयकर विभाग को इसे ठीक करना चाहिए.
थाना प्रभारी सुखदेव सिंह ने कहा कि उन्हें इस शिकायत की जानकारी नहीं है. अगर जरूरत पड़ी तो पुलिस जवाब देगी. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि इस मामले में आयकर विभाग से सीधा संपर्क करना बेहतर रहेगा.
गांव की जानकारी
अली मोहम्मद गांव सिरसा जिले का एक जाना-पहचाना गांव है. इसे 350 साल पहले अलीखान ने बसाया था. गांव में करीब 4500 लोग रहते हैं और यह कपास की खेती के लिए प्रसिद्ध है. यहां कई गौशालाएं और मंदिर हैं, लेकिन शिक्षा और रोजगार की पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं. गांव में कोई मुस्लिम परिवार नहीं रहता.
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-भारत एक्सप्रेस
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