सुप्रीम कोर्ट.
सज्जन जिंदल की कंपनी जेएसडब्ल्यू को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने बीपीएसएल के रिजोल्यूशन प्लान को रद्द कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि जेएसडब्ल्यू की समाधान योजना गैरकानूनी है. जस्टिस बेला त्रिवेदी और जस्टिस सतीश शर्मा ने यह फैसला दिया है.
इस मामले में ईडी की दलील थी कि जेएसडब्ल्यू स्टील आईबीसी के तहत रिलेटेड पार्टी है. जेएसडब्ल्यू स्टील ने करीब 20000 करोड़ रुपये में भूषण पावर को खरीदने की बिड जीती थी.
यह सौदा इन्सुलवेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) के तहत हुआ था. जेएसडब्ल्यू ने इस सौदे में टाटा समूह और ब्रिटेन की लिबर्टी ग्रुप को पछाड़ा था. अंतिम अधिग्रहण 2021 में पूरा हुआ था. ये उस समय आईबीसी के तहत दूसरी सबसे बड़ी डील मानी गई थी.
बता दें कि जेएसडब्ल्यू स्टील ने 2021 में दिवालियापन और दिवालियापन प्रक्रिया के माध्यम से भूषण पावर एंड स्टील में 49 फीसदी हिस्सेदारी हासिल की थी, जिससे ओडिशा में 2.75 MPTA स्टील बनाने की क्षमता प्राप्त हुई.
अक्टूबर 2021 तक जेएसडब्ल्यू स्टील ने उस हिस्सेदारी को बढ़ाकर 83 फीसदी कर दिया था. भूषण पावर एंड स्टील को पंजाब नेशनल बैंक सहित कई बैंकों से 47,158 करोड़ रुपये का कर्ज मिला था.जिसे कंपनी चुका नही पाई. इसके चलते कंपनी को आरबीआई की पहली 12 डिफॉल्टर कम्पनियों की लिस्ट में शामिल कर एनसीएलटी में दिवालिया कार्यवाही शुरू की गई.
जेएसडब्ल्यू स्टील ने साल 2018 में 19700 करोड़ रुपये की बोली लगाकर कंपनी के अधिग्रहण की कोशिश की थी, जिसे 2019 में एनसीएलटी की मंजूरी मिली. एनसीएलटी ने 17 फरवरी 2020 को एनसीएलटी के पिछले फैसले को बरकरार रखा था.
ये भी पढ़ें: पहलगाम आतंकी हमले में पाकिस्तान की बड़ी साजिश का पर्दाफाश, NIA की शुरुआती जांच में चौंकाने वाले खुलासे
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


