अहमदाबाद स्थित अडानी विद्या मंदिर (Adani Vidya Mandir) ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बार फिर अपनी उत्कृष्टता साबित की है. 13 मई को घोषित केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की बारहवीं कक्षा के परिणामों में स्कूल ने 100% उत्तीर्णता हासिल की, जिसमें सभी 95 छात्रों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की.
मानविकी और विज्ञान संकाय में अलवीना रॉय और जय बावसकर ने 97.6% अंक हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया. इसके साथ ही, नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (NABET) ने अपनी नवीनतम रेटिंग में AVMA को 250 में से 232 अंक देकर देश के शीर्ष स्कूलों में शामिल किया है. यह स्कूल वंचित वर्ग के लिए शिक्षा प्रदान करने वाले संस्थानों में शीर्ष पर है.
AVMA 2008 से आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों के जीवन को बदल रहा है. 2020 में यह देश का पहला निःशुल्क स्कूल बना, जिसे एनएबीईटी द्वारा मान्यता मिली थी. इस साल फरवरी में, इसे ‘स्कूल फॉर अंडरप्रिविलेज्ड/राइट टू एजुकेशन (आरटीई) इम्प्लीमेंटेशन’ श्रेणी में ‘नेशनल विनर’ घोषित किया गया और शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार से ‘समग्र शिक्षा पुरस्कार’ प्राप्त हुआ.
अडानी फाउंडेशन के समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मिशन के अनुरूप, स्कूल संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को पाठ्यक्रम में शामिल करता है और यूनिसेफ, गुजरात साइंस सेंटर और सिंगापुर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन (एनआईई) के साथ मिलकर भारतीय संदर्भ में स्टेम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) पाठ्यक्रम विकसित कर रहा है.
AVMA को कॉर्नेल यूनिवर्सिटी, न्यूयॉर्क में ‘इंटरनेशनल ग्रीन स्कूल अवॉर्ड’ और ‘काइंडनेस स्कूल’ प्रमाणन भी मिला है. चार परिसरों – अहमदाबाद, भद्रेश्वर, सूरगुजा और कृष्णपट्टनम में 3,000 से अधिक छात्रों को शिक्षा प्रदान करने वाला यह स्कूल पर्यावरण संरक्षण और दयालुता को शिक्षा का अभिन्न अंग मानता है.
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