तुर्कीये की एविएशन कंपनी सेलेबी ने सरकार के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया हैं. सरकार ने कंपनी की सुरक्षा मंजूरी को रद्द कर दिया था. कंपनी ने याचिका में कहा है कि सरकार का यह फैसला अस्पष्ट राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के आधार पर लिया गया है, जिसमें कोई ठोस कारण नही बताया गया है.
हजारों नौकरियों और निवेशकों पर असर
कंपनी ने याचिका में यह भी कहा है कि यह निर्णय 3,791 नौकरियों और निवेशकों के विश्वास को प्रभावित करेगा और कंपनी को बिना कोई चेतावनी दिए अचानक लिया गया. याचिका में यह भी कहा गया है कि सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देना, बिना यह बताए हुए कि किस प्रकार से कोई संस्था राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है, कानूनन टिकाऊ नहीं है.
सेलेबी ने दी सफाई
सेलेबी ने अपनी याचिका में कहा है कि भले ही उसके शेयरधारक तुर्कीये में पंजीकृत हैं, लेकिन समूह का बहुमत नियंत्रण उन कम्पनियों के पास है जिनका इनकॉर्पोरेशन या उदय तुर्कीये में नहीं हुआ है. बता दें कि सरकार ने सेलेबी को भारत में काम करने के लिए जरूरी सुरक्षा मंजूरी रद्द कर दी थी. सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी कुछ चिंताएं बताई है, लेकिन खुलकर नहीं कहा है.
एयरपोर्ट पर जरूरी सेवाएं देने वाली कंपनियों के लिए मंजूरी जरूरी
भारत के कानून के अनुसार एयरपोर्ट पर जरूरी सेवाएं देने वाली कंपनियों के लिए यह मंजूरी जरूरी है. इन सेवाओं में यात्रियों और सामान का प्रबंधन शामिल है. नागरिक उड्डयन मंत्री मुरलीधर मोहोल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि देशभर से इस कंपनी पर प्रतिबंध लगाने की मांग आ रही थी. उन्होंने कहा हमने इन मांगों को गंभीरता से लिया है और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देते हुए कंपनी की सुरक्षा मंजूरी को रद्द कर दी हैं.
सेलेबी भारतीय विमानन क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक समय से कार्यरत है और इसमें 10000 से अधिक लोग कार्यरत हैं. यह नौ हवाई अड्डों पर अपनी सेवाएं प्रदान करती है.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

