Bharat Express DD Free Dish

अमित शाह ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को 74वें जन्मदिन पर दी शुभकामनाएं

भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के 74वें जन्मदिन पर देशभर से शुभकामनाएं मिल रही हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनकी संविधान के प्रति निष्ठा और सेवाओं की सराहना की.

Amit Shah wishes Vice President Jagdeep Dhankhar on his 74th birthday

भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के 74वें जन्मदिन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें हार्दिक बधाई दी. अमित शाह ने सुबह 5:45 बजे ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में धनखड़ को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने लिखा कि उपराष्ट्रपति धनखड़ की गहरी सोच और संविधान के प्रति उनकी निष्ठा ने उनके पद की गरिमा को और बढ़ाया है. साथ ही, उन्होंने उपराष्ट्रपति के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की प्रार्थना की. शाह ने इस पोस्ट में @VPIndia को टैग भी किया.

अमित शाह की शुभकामनाओं के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. कई उपयोगकर्ताओं ने उपराष्ट्रपति को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं. यह पोस्ट राजनीतिक और सामाजिक वर्गों में उनके सम्मान को दर्शाता है.

संविधान के सच्चे संरक्षक

जगदीप धनखड़ का जन्म 18 मई 1951 को हुआ था. वे एक अनुभवी वकील और राजनेता हैं. 2022 में उपराष्ट्रपति बनने के बाद से वे लगातार संविधान की मूल भावना को बनाए रखने की बात करते रहे हैं. उन्होंने संसद, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया है.

उपराष्ट्रपति बनने से पहले धनखड़ ने कई अहम भूमिकाएं निभाईं. वे 2019 से 2022 तक पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहे. इससे पहले 1990-91 में चंद्रशेखर सरकार में संसदीय कार्य राज्यमंत्री रहे और 1989 से 1991 तक लोकसभा सांसद भी रहे. उनके पास कानूनी और राजनीतिक दोनों क्षेत्रों का व्यापक अनुभव है. राज्‍यसभा के पदेन सभापति के रूप में वे सदन की कार्यवाही को भी कुशलता से संचालित कर रहे हैं.

न्यायपालिका पर धनखड़ का सख्त रुख

धनखड़ अपने स्पष्ट विचारों के लिए जाने जाते हैं. 2025 की शुरुआत में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले की कड़ी आलोचना की थी. यह फैसला तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि के खिलाफ आया था, जिन्हें विधानसभा के पारित विधेयकों को रोके जाने पर अदालत ने असंवैधानिक ठहराया था.

धनखड़ ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी लोकतंत्र के लिए “न्यायपालिका के पास 24×7 परमाणु हथियार होने” जैसी है. उनका मानना है कि न्यायपालिका को अपनी सीमाओं में रहना चाहिए और विधायिका व कार्यपालिका के काम में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. इस बयान के बाद देशभर में बहस छिड़ गई थी. कुछ लोगों ने उन्हें संविधान का रक्षक बताया, तो कुछ ने उनकी आलोचना की.

शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में योगदान

धनखड़ न केवल एक राजनीतिक व्यक्तित्व हैं, बल्कि शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में भी उनका योगदान सराहनीय है. वे दिल्ली विश्वविद्यालय, पंजाब विश्वविद्यालय, पांडिचेरी विश्वविद्यालय और माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हैं. उन्होंने पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों जैसे आयुर्वेद और सिद्धा के साथ-साथ आधुनिक विज्ञान को भी महत्व देने की बात कही है.

उनकी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा 2022 में कंबोडिया थी. वहां वे ASEAN-India शिखर सम्मेलन और 17वें ईस्ट एशिया समिट में भारत का प्रतिनिधित्व करने गए थे. उन्होंने अंगकोरवाट और टा प्रोम जैसे सांस्कृतिक स्थलों का दौरा किया और भारतीय पुरातत्व विभाग की संरक्षण कोशिशों की सराहना की.

एक प्रेरणादायक नेता का जन्मदिन

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के 74वें जन्मदिन पर देशभर से शुभकामनाएं मिल रही हैं. अमित शाह की पोस्ट ने इस दिन की शुरुआत को खास बना दिया. लोग सोशल मीडिया पर उनके फोटो और संदेश साझा कर रहे हैं.

धनखड़ का जीवन भारतीय लोकतंत्र, शिक्षा और संस्कृति के लिए प्रेरणा स्रोत बना हुआ है. देश आज उनके योगदान का सम्मान कर रहा है और उनके स्वास्थ्य, दीर्घायु और उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहा है.

ये भी पढ़ें: राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा को दीं जन्मदिन की शुभकामनाएं

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read