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PM मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में हिमाचल के CM सुक्खू ने भी लिया हिस्सा

नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल के लिए लंबित केंद्र सरकार की देयों को शीघ्र जारी करने की मांग की.

PM Modi and Sukhvinder Singh Sukhu
Vijay Ram Edited by Vijay Ram

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की दसवीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में हिस्सा लिया. इस बैठक में ‘विकसित भारत के लिए विकसित राज्य @2047’ विषय पर राज्यों की भूमिका और विकास की राह में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की गई.

बैठक में मुख्यमंत्री सुक्खू ने केंद्र सरकार से हिमाचल प्रदेश के लिए लंबित देय राशि को शीघ्र जारी करने की मांग करते हुए कहा कि यदि यह राशि समय पर उपलब्ध कराई जाए तो हिमाचल आत्मनिर्भर राज्य बनने की दिशा में बड़ी छलांग लगा सकता है. उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्यों की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें योजनाओं में पात्रता के मानदंडों में छूट और अधिक वित्तीय सहायता दी जानी चाहिए.

मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश को देश का प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में सरकार की योजनाओं को साझा करते हुए बताया कि प्रदेश में धार्मिक, इको, जल, स्वास्थ्य और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अनेक कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि कांगड़ा हवाई अड्डे की हवाई पट्टी का विस्तार कर बड़े विमानों की लैंडिंग की सुविधा विकसित की जा रही है, जिससे पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा.

बैठक में जल-विद्युत परियोजनाओं से संबंधित मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए गए. मुख्यमंत्री सुक्खू ने पीएसयू और सीपीएसयू के तहत चल रही परियोजनाओं को 40 वर्ष पूरे होने पर राज्य को सौंपने की मांग की. उन्होंने प्रदेश की ऊर्जा नीति के अनुरूप रॉयल्टी के प्रावधानों को दोहराते हुए कहा कि राज्य में निजी कंपनियां इस नीति का पालन कर रही हैं और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों (सीपीएसयू) को भी इसका पालन करना चाहिए.

मुख्यमंत्री ने हिमाचल की वन संपदा और पर्यावरण संरक्षण में उसके योगदान को रेखांकित करते हुए केंद्र से ग्रीन बोनस की मांग दोहराई. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 31 मार्च, 2026 तक हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसके तहत सोलन जिले में ऑयल इंडिया लिमिटेड के सहयोग से एक मेगावाट क्षमता का ग्रीन हाइड्रोजन संयंत्र स्थापित किया जा रहा है, जिससे हिमाचल आने वाले वर्षों में देश का अग्रणी ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादक राज्य बन सकता है.

उन्होंने बैठक में कौशल विकास, उद्यमिता और सतत रोजगार के लिए उठाए गए कदमों पर भी विचार साझा किया और पहाड़ी राज्यों के लिए योजनाओं में लचीलापन लाने की वकालत की. इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर भी मौजूद रहे.

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-भारत एक्सप्रेस



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