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फोन टैपिंग मामला: सुप्रीम कोर्ट से पूर्व एसआईबी प्रमुख टी. प्रभाकर राव को अंतरिम राहत, पासपोर्ट लौटाने और भारत लौटने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना फोन टैपिंग मामले में पूर्व एसआईबी प्रमुख टी. प्रभाकर राव को अंतरिम राहत दी है. कोर्ट ने उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई पर रोक लगाते हुए पासपोर्ट लौटाने और भारत लौटने का आदेश दिया है.

Supreme Court
Prashant Rai Edited by Prashant Rai

तेलंगाना में पूर्ववर्ती बीआरएस सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए फोन टैपिंग मामले में फंसे राज्य के पूर्व स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो (SIB) प्रमुख टी. प्रभाकर राव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने बुधवार को राव को अंतरिम सुरक्षा प्रदान करते हुए उनके खिलाफ किसी भी कठोर कार्रवाई पर रोक लगा दी है.

सुप्रीम कोर्ट ने राव को जांच में सहयोग देने का निर्देश देते हुए कहा कि उन्हें जांच अधिकारी के समक्ष पेश होना होगा. साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया कि राव का पासपोर्ट उन्हें वापस दिया जाए ताकि वे भारत लौट सकें. आदेश में यह भी कहा गया है कि पासपोर्ट मिलने के तीन दिनों के भीतर राव को भारत वापस आना होगा. बता दें कि टी. प्रभाकर राव फिलहाल अमेरिका में हैं. इस मामले की अगली सुनवाई 5 अगस्त को होगी.

दरअसल, राव ने तेलंगाना हाई कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. हाई कोर्ट के फैसले के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया था और उनका पासपोर्ट रद्द कर दिया था. मामले की सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने सुप्रीम कोर्ट में राव की अग्रिम जमानत याचिका का विरोध किया.

उल्लेखनीय है कि हैदराबाद की एक निचली अदालत ने 22 मई को आदेश दिया था कि यदि टी. प्रभाकर राव 20 जून तक अदालत में पेश नहीं होते हैं, तो उन्हें भगोड़ा घोषित किया जा सकता है.

इस फोन टैपिंग केस में एसआईबी के निलंबित डीएसपी समेत चार पुलिस अधिकारियों को मार्च 2024 में गिरफ्तार किया गया था. इन पर आरोप है कि उन्होंने विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से खुफिया जानकारी को मिटाने और तत्कालीन बीआरएस सरकार के दौरान राजनीतिक लाभ के लिए एसआईबी के संसाधनों का दुरुपयोग करते हुए अवैध फोन टैपिंग की. बाद में इन सभी को जमानत मिल गई थी. पुलिस के अनुसार यह एक संगठित साजिश थी, जिसमें टी. प्रभाकर राव की भी संलिप्तता बताई गई है.

ये भी पढ़ें- सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को बेंगलुरु पैलेस ग्राउंड टीडीआर मामले में अंतरिम राहत दी

-भारत एक्सप्रेस



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