दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट
रोहिणी कोर्ट ने कोर्ट कमिश्नर के साथ बदसलूकी व यौन उत्पीड़न के झूठे आरोप लगाने की धमकी देने के मामले में हरियाणा के संबंधित पुलिस अधिकारियों को फटकार लगाई है.
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जांच सिर्फ दिखाने के लिए की गई है. रोहिणी कमर्शियल कोर्ट के जिला न्यायाधीश विनोद यादव ने इसको लेकर जांच में बाधा डालने वाले प्रतिवादी पति-पत्नी दीपक सिंगला व आशु सिंगला के साथ फतेहाबाद जिला के खाखल के थानेदार को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ हाई कोर्ट से आपराधिक अवमानना शुरू करने का आग्रह किया जाए. कोर्ट ने 31 मई तक जवाब मांगा है. 31 मई को कोर्ट अगली सुनवाई करेगा.
बता दें कि 10 मई को एक टोबैको कंपनी का निरीक्षण करने गए कोर्ट कमिश्नर के साथ पुलिस की मौजूदगी में बदसलूकी व यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने की धमकी देने के मामले में अदालत ने रिपोर्ट मांगी थी.
न्यायाधीश ने रिपोर्ट देखने के बाद संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाया और कहा है कि रिपोर्ट के अवलोकन से पता चलता है कि जांच में विवेक का प्रयोग न करने, अपनी शक्ति का दुरुपयोग करने व अदालत के निर्देशों की पूरी तरह से अवहेलना करने की बात सामने आती है.
यह स्पष्ट है कि शिकायत के बावजूद उनकी तरफ से कोर्ट कमिश्नर से कोई पूछताछ नहीं कि गई. ऐसा कोई आधार नहीं है, जिससे यह पता चले कि कोर्ट कमिश्नर के साथ मौके पर कोई दुर्व्यवहार नहीं हुआ था.
-भारत एक्सप्रेस
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