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Ramcharitmanas Controversy: राममंदिर ट्रस्ट के दलित सदस्य कामेश्वर चौपाल ने दिया बड़ा बयान, कहा- तुलसीदास जी ने शूद्र के लिए…

Ramcharitmanas: कामेश्वर चौपाल राम मंदिर ट्रस्ट के दलित सदस्य हैं. 1989 में रामजन्मभूमि आंदोलन में शिलादान में पहली कारसेवा भी उन्होंने ही की थी.

कामेश्वर चौपाल

Ramcharitmanas. सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के रामचरितमानस पर दिए गए विवादित बयान के बाद यूपी में इस मुद्दे को लेकर लगातार विवाद बढ़ता जा रहा है. इसी बीच राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के दलित सदस्य कामेश्वर चौपाल का रामचरितमानस को लेकर बड़ा बयान सामने आया है.

उन्होंने रामचरितमानस विवाद पर बोलते हुए कहा, “तुलसीदास जी ने तो ये भी लिखा है कि सियाराम मय सब जग जानी…’ यानि इसमें शूद्र को अलग नहीं किया गया है. शूद्र क्या, हर जीव उसमें शामिल है. भारत का दर्शन है कि ‘कण-कण में शंकर’. अब कोई सूर्य के अस्तित्व को ही नकार दे तो क्या ही कहें.”

कामेश्वर चौपाल ने आगे कहा है कि रामचरितमानस भी ऐसा ही है. प्रभु श्रीराम की इच्छा अनुसार ही मुझें प्रभु ने अपने काम में उपयोग किया. राम के काम से बड़ा कोई काम नहीं है. मेरे लिए इस जीवन में इससे बड़ा कोई काम नहीं है.

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अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर को किया याद

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के दलित सदस्य कामेश्वर चौपाल ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए मीडिया से कहा कि ये मेरे लिए बहुत भावुक क्षण है. जब मैं नेपाल के जनकपुर से बिहार की सीमा में आ रहा था तो मेरा कई बार कलेजा फट जाता था. मैं चुपचाप गाड़ी में बैठ जाता था. मैं उस समय अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर, महंत अवैद्यनाथ जैसे महापुरुषों को याद कर रहा था. उन्होंने कहा कि मां सीता नेपाल-बिहार की बेटी हैं. वहां के लोगों की भावना उफान पर हैं. अगर हम तेजी के साथ गाड़ी लेकर वहां से नहीं निकलते तो वहां से निकल ही नहीं पाते.

SwamiPraShad Maurya

शिला यात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं कामेश्वर चौपाल

आपको बताते चलें कि कामेश्वर चौपाल राम मंदिर ट्रस्ट के दलित सदस्य हैं. 1989 में रामजन्मभूमि आंदोलन में शिलादान में पहली कारसेवा भी उन्होंने ही की थी. वह शिला यात्रा का नेतृत्व भी कर रहे हैं और नेपाल से शालिग्राम पत्थर लेकर अयोध्या आ रहे हैं. इसी पत्थर से रामलला की मूर्ति का निर्माण होगा.

-भारत एक्सप्रेस



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