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शुभांशु शुक्ला के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर जाने मिशन को गृह मंत्री अमित शाह ने सराहा, कहा- भारत के लिए यह गर्व का क्षण

भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा, जब वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला Axiom Mission 4 के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए रवाना हुए. 41 वर्षों बाद कोई भारतीय अंतरिक्ष यात्री फिर से अंतरिक्ष में पहुंचा है.

Indian Astronaut Shubhanshu Shukla

Indian Astronaut Shubhanshu Shukla: भारत ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. वायु सेना के अनुभवी पायलट और भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला आज अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए रवाना हो गए हैं. यह यात्रा Axiom Mission 4 (Ax-4) का हिस्सा है और भारत के मानव अंतरिक्ष मिशन में 41 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक नया अध्याय जोड़ती है. आखिरी बार 1984 में राकेश शर्मा ने अंतरिक्ष में भारत का प्रतिनिधित्व किया था.

अमित शाह और मोदी ने दी शुभकामनाएं

इस गौरवशाली अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर शुभकामनाएं दीं. उन्होंने पोस्ट करते हुए लिखा, “भारत के लिए गर्व का क्षण है, जब ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला Axiom Mission 4 के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना हुए हैं. आपके साथ पूरा देश है. मिशन के लिए आपको और आपके साथी अंतरिक्ष यात्रियों को ढेरों शुभकामनाएं.”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस सफलता पर ट्वीट कर बधाई दी. उन्होंने लिखा, “हम इस बहुराष्ट्रीय अंतरिक्ष मिशन की सफल लॉन्चिंग का स्वागत करते हैं. ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला पहले भारतीय होंगे जो ISS पहुंचेंगे. वह 140 करोड़ देशवासियों की उम्मीदों और सपनों को साथ लेकर जा रहे हैं.”

स्पेस X फाल्कन 9 से हुई लॉन्चिंग

Ax-4 मिशन का नेतृत्व कर रहीं हैं पूर्व NASA अंतरिक्ष यात्री पेगी व्हिटसन. यह मिशन आज सुबह 12:01 IST (02:31 EDT) पर फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से SpaceX के फाल्कन 9 रॉकेट द्वारा लॉन्च किया गया. इस मिशन में भारत के अलावा अमेरिका, हंगरी और पोलैंड के अंतरिक्ष यात्री भी शामिल हैं—जिनमें स्लावोस्ज उज्नांस्की-विस्निवस्की और टिबोर कापू प्रमुख हैं. यह दल 26 जून को भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे ISS से जुड़ जाएगा और वहां दो सप्ताह तक 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग करेगा, जिनमें से सात ISRO द्वारा डिजाइन किए गए हैं.

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भारतीय वायु सेना के अनुभवी पायलट हैं और उन्होंने 2000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव प्राप्त किया है. वह न केवल दूसरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री बने हैं, बल्कि पहले भारतीय हैं जो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचेंगे. ISRO, NASA और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) के सहयोग से यह मिशन संभव हो पाया. अनुमान है कि इस मिशन पर भारत ने लगभग 500 करोड़ रुपये (59 मिलियन डॉलर) का खर्च किया है. यह मिशन भारत के 2027 में प्रस्तावित गगनयान कार्यक्रम की तैयारी में एक बड़ी भूमिका निभाएगा.

लखनऊ में जश्न, परिवार हुआ भावुक

शुक्ला के इस सफर पर उनके परिवार और लखनऊ के लोगों की आंखें नम और दिल गर्व से भरे हुए हैं. उनकी बहन, शुचि मिश्रा ने कहा, “यह हमारे लिए गर्व की बात है कि हमारे परिवार का कोई सदस्य 1.4 अरब लोगों में से चुना गया है.” लखनऊ की गलियों में शुभांशु के पोस्टर लगाए गए हैं और जगह-जगह पर जश्न का माहौल है.

शुक्ला ने मिशन में जाने से पहले कहा था, “मैं सिर्फ वैज्ञानिक उपकरण नहीं, बल्कि देश की उम्मीदों और भावनाओं को अपने साथ ले जा रहा हूं.” उन्होंने अपने साथ आम का रस, गाजर का हलवा और मूंग दाल हलवा भी पैक किया है, ताकि वह अपने विदेशी साथियों को भारतीय स्वाद से रूबरू करा सकें. इसके अलावा, वह अपने मार्गदर्शक राकेश शर्मा के लिए एक खास तोहफा भी साथ ले गए हैं.

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-भारत एक्सप्रेस 



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