Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

भूकंप के झटके से हिली पाकिस्तान की धरती, रिक्टर स्केल पर 5.2 मापी गई तीव्रता

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, रविवार तड़के पाकिस्तान में भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए.

Earthquake

दिल्ली-एनसीआर में महसूस किए गए भूकंप के झटके

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, रविवार तड़के पाकिस्तान में भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए. यह भूकंप भारतीय समयानुसार सुबह 3 बजकर 54 मिनट पर आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.2 मापी गई. भूकंप का केंद्र पृथ्वी की सतह से 150 किलोमीटर की गहराई में स्थित था.

भूगर्भीय संरचना के दृष्टिकोण से पाकिस्तान एक अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है, जहां कई प्रमुख भ्रंश रेखाएं (Fault Lines) गुजरती हैं. यही कारण है कि यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं, जिनमें से कई बार ये भूकंप विनाशकारी सिद्ध होते हैं.

पाकिस्तान की भौगोलिक स्थिति दो प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों यूरेशियन प्लेट और भारतीय प्लेट के मिलन बिंदु पर है. बलूचिस्तान, संघीय प्रशासित जनजातीय क्षेत्र (FATA), खैबर पख्तूनख्वा और गिलगित-बाल्टिस्तान, यूरेशियन प्लेट के ईरानी पठार वाले हिस्से में स्थित हैं, जबकि सिंध, पंजाब और पाकिस्तान के कब्जे वाला जम्मू-कश्मीर (PoK), भारतीय प्लेट के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में आता है. इन दोनों प्लेटों के टकराव की वजह से यह इलाका भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज़ से अत्यधिक सक्रिय बना रहता है. फिलहाल अभ तक इस भूकंप से किसी तरह के नुकसान की कोई पुष्टि नहीं हुई है.

यह भी पढ़ें- Earthquake: आज कल क्यों आ रहे हैं इतने भूकंप? अमेरिकी की रिसर्च रिपोर्ट ने खोला ऐसा रहस्य जिसे जान कर आप रह जाएंगे दंग

Earthquake के समय क्या करें?

खुले मैदान में चले जाएं और इमारतों से दूर रहें.
टेबल या मजबूत फर्नीचर के नीचे छिपें और सिर को किसी तकिये या हाथ से ढक लें.
लिफ्ट का इस्तेमाल न करें, सीढ़ियों का सहारा लें.
बिजली के तारों, पेड़ों और ऊंची इमारतों से दूर रहें.

भूकंप क्यों आते हैं?

आखिर भूकंप क्यों आते हैं? इसको समझने के लिए सबसे पहले पृथ्वी की संरचना को जानना जरूरी है. हमारी पृथ्वी टैक्टोनिक प्लेट्स पर स्थित है. इन प्लेटों के नीचे तरल पदार्थ का लावा है. जिसपर टैक्टोनिक प्लेट्स तैरती रहती हैं. कई बार ऐसा होता है कि ये प्लेटें आपस में टकरा जाती हैं. बार-बार टकराने से इन प्लेट्स के कोने सिकुड़ जाते हैं या फिर टूटने लगते हैं. जिससे नीचे से निकली ऊर्जा बाहर निकलने के लिए रास्ते खोजती है. जिसमें डिस्टर्बेंस होता है और इसी के बाद भूकंप की स्थिति पैदा होती है.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital