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राष्ट्रीय ध्वज के राजनीतिक या धार्मिक इस्तेमाल पर रोक लगाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 14 जुलाई को होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट 14 जुलाई को राष्ट्रीय ध्वज के दुरुपयोग से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करेगा. एक याचिका में तिरंगे की गरिमा की रक्षा और राजनीतिक, धार्मिक उपयोग पर रोक लगाने की मांग की गई है.

tiranga india salam

राष्‍ट्रीय ध्‍वज तिरंगा.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

राजनीतिक या धार्मिक मकसद से राष्ट्रीय ध्वज के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 14 जुलाई को सुनवाई करेगा. सीजेआई बीआर गवई, जस्टिस के.विनोद चंद्रन और जस्टिस एन. वी अंजारिया की तीन सदस्यीय पीठ इस मामले में सुनवाई करेगी.

दायर याचिका में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को निर्देश देने की मांग की गई है. याचिका में कहा गया है कि वे राष्ट्रीय सम्मान अधिनियम और ध्वज संहिता 2002 को सख्ती से लागू करें, साथ ही तिरंगे की गरिमा को सुरक्षित करने की मांग की गई है.

‘राष्ट्रीय ध्वज के दुरुपयोग पर रोक लगे’

याचिका में यह मांग की गई कि केंद्र सरकार और चुनाव आयोग सहित प्रतिवादियों को एक उचित रिट, आदेश या निर्देश जारी करने की मांग की गई है ताकि किसी भी राजनीतिक दल या धार्मिक संगठन राष्ट्रीय ध्वज का राजनीतिक या धार्मिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल ना कर सके.

असंवैधानिक कार्यों पर आपत्ति जताई गई

याचिका में कहा गया है कि राष्ट्रीय ध्वज पर पार्टी का लोगो, धार्मिक प्रतीक या किसी प्रकार का लेख अंकित करना असंवैधानिक है और राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा के खिलाफ है.

‘रैलियों और प्रचार में तिरंगे पर रोक लगे’

याचिका में राजनीतिक रैलियों, धार्मिक आयोजनों या चुनाव प्रचार के दौरान तिरंगे का इस्तेमाल करने से रोकने की मांग की गई है.

राष्ट्रीय सम्मान अधिनियम का उल्लेख

23 दिसंबर 1971 को इसको लेकर कानून बना था. जिसके अंतर्गत किसी भी सार्वजनिक स्थान पर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज या संविधान या उसके किसी भी भाग का अपमान करने पर तीन साल की कैद, जुर्माना या दोनों सजाएं एक साथ दी जा सकती हैं.

अपमान का मतलब जलाने, मूल स्वरूप को बिगाड़ने, फाड़ने या गंदा करने सहित किसी भी तरह से अपमानित करना है. सेक्शन 4 डी में साफ लिखा है कि राजकीय अंतिम संस्कारों और आर्म्ड फोर्स, पैरामिलिट्री फोर्स को छोड़कर किसी भी अंतिम संस्कार में राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल करना अपमान माना जाएगा.



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