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Nurse Nimisha Priya की फांसी रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट एक संवेदनशील मामले की सुनवाई करने जा रहा है. ये नर्स निमिषा प्रिया (Nimisha Priya) का मामला है.

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट एक संवेदनशील मामले की सुनवाई करने जा रहा है. ये नर्स निमिषा प्रिया (Nimisha Priya) का मामला है. निमिषा को यमन में हत्या के आरोप में फांसी की सजा सुनाई गई है. उनकी फांसी 16 जुलाई को होने वाली है, लेकिन इसे रोकने के लिए सेव निमिषा प्रिया इंटरनेशनल एक्शन काउंसिल नामक संस्था ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में एक याचिका दाखिल की है. इस याचिका में केंद्र सरकार से मांग की गई है कि इस मामले में वह राजनयिक (Diplomat) स्तर पर हस्तक्षेप करे और निमिषा की जान बचाने के लिए कोई ठोस कदम उठाए.

कोर्ट में सुनवाई

इस याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस विक्रम नाथ (Justice Vikram Nath) और जस्टिस संदीप मेहता (Justice Sandeep Mehta) की पीठ सुनवाई करेगी. बता दें, निमिषा 2008 से यमन में काम कर रही थीं और वहां उनके बिजनेस पार्टनर तलाल अब्दो मेहदी की संदिग्ध मौत के बाद उन्हें हत्या का दोषी ठहराया गया था. आरोप है कि निमिषा ने एक अन्य सहयोगी के साथ मिलकर शव के टुकड़े कर उसे टैंक में फेंक दिया था.

परिवारवालों का क्या कहना है?

हालांकि की निमिषा के परिवारवालो का कहना है कि उसने किसी की हत्या नहीं की है. उनका कहना है कि निमिषा ने अपना जब्त किया हुआ पासपोर्ट लेने के लिए तलाल को सिर्फ बेहोशी का इंजेक्शन दिया था. लेकिन ओवरडोज के कारण उसकी मौत हो गई.

सुप्रीम कोर्ट में अपील

इससे पहले निमिषा ने यमन (Yemen) की सर्वोच्च अदालत में अपनी फांसी के खिलाफ अपील की थी, लेकिन वह खारिज कर दी गई. उन्होंने वहां के राष्ट्रपति (President) से दया याचिका भी लगाई पर वह भी स्वीकार नहीं की गई.

भारत सरकार से उम्मीद !

अब भारत सरकार से उम्मीद जताई जा रही है कि वह इस मामले में राजनयिक दबाव बनाए जिससे यमन सरकार से संवाद हो सके. केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है.

विदेश मंत्रालय ने क्या कहा ?

विदेश मंत्रालय का कहना है कि वे निमिषा के परिवार को हर संभव सहायता देने का प्रयास कर रहे हैं. अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट की आज होने वाली सुनवाई पर टिकी हुई हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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