Urdu Conclave 2026

Vrindavan Corridor विवाद, सुप्रीम कोर्ट में याचिका, ब्रजवासियों ने उठाए धार्मिक स्वतंत्रता के सवाल

श्री बांके बिहारी मंदिर के आसपास प्रस्तावित Vrindavan Corridor निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है.

Vrindavan Corridor विवाद, सुप्रीम कोर्ट में याचिका, ब्रजवासियों ने उठाए धार्मिक स्वतंत्रता के सवाल - भारत एक्सप्रेस

Vrindavan Corridor, Banke Bihari Temple, Supreme Court petition, Article 25, Article 26, Essential Religious Practices, Uttar Pradesh Government, local residents protest, religious heritage, corridor construction controversy.

वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर के आसपास प्रस्तावित कॉरिडोर (Vrindavan Corridor) निर्माण को लेकर स्थानीय दुकानदारों और निवासियों ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में याचिका दायर की है. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इस परियोजना के चलते वृंदावन की प्राचीन कुंज गलियों को तोड़ा जा रहा है जिससे पीढ़ियों से वहां रह रहे ब्रजवासी बेघर हो रहे हैं.

संवैधानिक सवाल

याचिकाकर्ताओं के वकील डॉ. एपी सिंह ने तर्क दिया है कि

“यह निर्माण कार्य संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 का उल्लंघन करता है. अनुच्छेद 25 नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है, जबकि अनुच्छेद 26 धार्मिक संस्थाओं को अपने मामलों का स्वशासन सुनिश्चित करता है”

Essential Religious Practices Doctrine

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा समय-समय पर दिए गए फैसलों के अनुसार, यदि कोई परंपरा किसी धर्म की अनिवार्य धार्मिक प्रथा का हिस्सा है तो उसमें हस्तक्षेप करना संविधान विरोधी माना जाता है. इस सिद्धांत के तहत याचिकाकर्ताओं ने दावा किया है कि वृंदावन की गलियां न केवल ऐतिहासिक हैं, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं.

इतिहास का हवाला

याचिकाकर्ता राकेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि ये गलियां मुगल काल में भी मंदिर की गरिमा को अटूट बनाए रखने में सहायक रही हैं. उनका मानना है कि इन गलियों में भगवान कृष्ण की लीलाओं की छाया है और इन्हें मिटाना ब्रजधाम की आत्मा को ठेस पहुंचाना है.

इसे भी पढ़े- Jagdeep Dhankhar Profile: कार्यकाल पूरा न करने वाले धनखड़ तीसरे उपराष्ट्रपति, जानिए इनका राजनीतिक सफर और उपलब्धियां

सरकारी पक्ष

उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) का तर्क है कि वृंदावन कॉरिडोर (Vrindavan Corridor) निर्माण से श्रद्धालुओं (Devotees) की सुविधा बढ़ेगी और भीड़भाड़ (Overcrowding) की समस्या कम होगी. लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर उनकी धार्मिक और सामाजिक पहचान को मिटाया जा रहा है.

अगली सुनवाई का इंतजार

अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जिसमें यह तय होगा कि धार्मिक परंपराओं और आधुनिक विकास के बीच संतुलन कैसे साधा जाए.

Also Follow Bharat Express on X

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read