Vijay Shah Controversy: कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी करने के मामले में मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विजय शाह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दायर कर मंत्री पद से हटाने की मांग की गई है. यह याचिका मध्य प्रदेश कांग्रेस नेता जया ठाकुर ने दायर की है. याचिका में कहा गया है कि विजय शाह विवादित टिप्पणी कर संवैधानिक पद की शपथ का उल्लंघन किया है.
याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है कि शाह ने विवादित टिप्पणी कर संविधान के अनुच्छेद 164 (3) का उल्लंघन किया है. इसी आधार पर याचिकाकर्ता ने उनके खिलाफ क्यो-वारंटों रिट जारी करने की मांग की है. जिससे शाह को मंत्री पद से हटाया जा सके. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी का गठन का आदेश दिया था. जिसके बाद मध्य प्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना ने एसआईटी का गठन किया था. जिसमें आईपीएस प्रमोद वर्मा- 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी है. फिलहाल सागर रेंज के आईजी हैं. फरवरी 2018 में उन्हें यह जिम्मेदारी मिली थी.
संविधान का उल्लंघन करने का आरोप
वहीं 2022 में उन्हें केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया था. डीआईजी कल्याण चक्रवर्ती 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी है. डीआईजी कल्याण चक्रवर्ती भोपाल पीएचक्यू में एसएएफ हैं. वे दतिया और खरगोन के एसपी रह चुके हैं. 2020 में उन्हें सीबीआई में एसपी भी बनाया गया था. जबकि डिंडौरी एसपी वाहिनी सिंह 2014 बैंच के आईपीएस अधिकारी है. वह मूल रूप से राजस्थान की रहने वाली है, वे पहले निवाड़ी जिले में एसपी रह चुकी हैं.
क्या था विजय शाह का विवादित बयान?
वाहिनी सिंह ईमानदार पुलिस अधिकारी हैं. एसआईटी टीम ने गांव के सरपंच और सचिव से मुलाकात की थी इस दौरान एसआईटी ने घटना के वीडियो फुटेज और उपस्थित लोगों की सूची सहित प्रासंगिक दस्तावेज एकत्र किए थे. मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह ने 11 मई को महू के रायकुंडा गांव में एक कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर प्रेस ब्रीफिंग करने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान दिया था.
बयान में मंत्री ने कर्नल सोफिया को आतंकियों की बहन बता दिया. उन्होंने कहा था कि उन्होंने कपड़े उतार-उतार कर हिंदुओं को मारा और मोदी जी के उनकी बहन को उनकी ऐसी तैसी करने उनके घर भेजा. इस बयान के बाद हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मंत्री पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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