आयकर रिटर्न भरने की तारीख बढ़ी
ITR Filing 2025: जुलाई का महीना आते ही लोगों को चिंता होने लगती है कि समय से उनका आयकर रिटर्न भर जाएगा कि नहीं. हालांकि, इस साल ये चिंता कम है. क्योंकि, आयकर विभाग ने करदाताओं को बड़ी राहत दी है. आयकर विभाग (Income Tax Department) ने आयकर रिटर्न दाखिल (ITR Filing) करने की डेट को बढ़ा दिया है. इससे पहले अंतिम तारीख 30 जुलाई तय की गई थी. ऐसे में अब लोगों को थोड़ी राहत मिली है. हालांकि, इसके बाद भी आपको कोई लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए क्योंकि, अब भी आप समय से चूक गए तो भारी नुकसान हो सकता है.
आयकर विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 (मूल्यांकन वर्ष 2025-26) के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2025 तक बढ़ा दी है. यदि आप इस तिथि से चूक जाते हैं, तो आप 31 दिसंबर 2025 तक लेट फीस और ब्याज के साथ देर से रिटर्न दाखिल कर सकते हैं. हालांकि, अलग-अलग श्रेणियों में ये तारीखें अलग-अलग हैं.
आखिर क्यों बढ़ाई गई तारीख?
आयकर रिटर्न दाखिल करने की तारीख बढ़ाए (itr filing last date increased) जाने को लेकर CBDT ने कहा कि इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म में कई बदलाव हुए हैं. नए स्लैब और कैपिटल गेन टैक्स के चलते सिस्टम अपडेशन में समय लगा है. विभाग टैक्सपेयर को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होने देना चाहता है. इसी कारण ITR भरने की डेडलाइन बढ़ाई गई है ताकि वह आसानी से अपना आयकर रिटर्न भर पाएं.
आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथियां
- 15 सितंबर 2025: ऐसे लोग जिनका अकाउंट ऑडिट के दायरे में नहीं है.
- 31 अक्टूबर 2025: ऐसी कंपनियां, प्रोप्राइटरशिप, पार्टनरशिप फर्म जिनका ऑडिट होता है. हालांकि, 30 सितंबर तक ऑडिट रिपोर्ट देनी होगी
- 30 नवंबर 2025: सेक्शन 92E के तहत इंटरनेशनल और कुछ खास घरेलू ट्रांजैक्शन वाले. इन्हें 31 अक्टूबर तक ऑडिट रिपोर्ट देना होगा.
चूक गए तो क्या होगा? (what if miss itr deadline)
आयकर रिटर्न दाखिल करना न केवल एक कानूनी आवश्यकता है, बल्कि यह आपकी वित्तीय स्थिति को भी दर्शाता है. समय पर आयकर रिटर्न दाखिल करने से आप अपने कर दायित्वों को पूरा कर सकते हैं और भविष्य में किसी भी समस्या से बच सकते हैं. इस कारण जरूरी हो जाता है कि आप समय से आयकर भर दें. यदि आप समय सीमा के भीतर आयकर रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं, तो आप अपने नुकसान को आगे नहीं बढ़ा सकते हैं और अगले वर्ष अपनी आय के साथ संतुलित नहीं कर सकते हैं. इतना ही नहीं समय से चूक गए तो आपको जुर्माना भी देना पड़ेगा.
- धारा 234ए के तहत अवैध कर राशि पर प्रति माह या माह के हिस्से के लिए 1% ब्याज देना होगा.
- धारा 234एफ के तहत विलंब शुल्क भी लगाया जाता है.
- 5 लाख रुपये से अधिक आय पर 5,000 रुपये और 5 लाख रुपये से कम आय पर 1,000 रुपये होगा.
विदेश जाने में हो सकता है समस्या
समय पर ITR फाइल नहीं करने से बैंक और वित्तीय संस्थानों की नजर में विश्वसनीयता हो जाती है. कोई भी बैंक पर्सनल लोन, होम लोन या बिजनेस लोन देने में हिचकता है. वहीं कई बार संस्थान आईटीआर की कॉपी मांगते हैं. इतना ही नहीं अगर आप विदेश जाना चाहते है तो वीजा आवेदन के समय आईटीआर महत्व रखता है. ऐसे में आपको विदेश जाने में दिक्कत हो सकती है.
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आयकर रिटर्न दाखिल करने के लाभ (ITR Filing Benefits)
आयकर रिटर्न दाखिल करने से आप अपने कर दायित्वों को पूरा कर सकते हैं. यह आपकी वित्तीय स्थिति को भी दर्शाता है. समय पर आयकर रिटर्न दाखिल करने से आप भविष्य में किसी भी समस्या से बच सकते हैं. इसके साथ ही आप देश की प्रगति के प्रबल सिपाही बने रहेंगे. साथ ही देश के खजाने में आपको हिस्सा पहुंच जाएगा और अगल आपका टैक्स पहले से कटा हुआ है और आप इसके दायरे में नहीं आते हैं तो आपको रिफंड मिल जाएगा जिससे आपकी वित्तीय स्थिति बेहतर होगी.
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