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प्रयागराज में गंगा और यमुना ने 2013 का तोड़ा रिकार्ड, जिले के कुल 275 गांव अब तक हो चुके प्रभावित

उत्तर भारत में मूसलाधार बारिश के कारण गंगा और यमुना नदियाँ खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं. बाढ़ से पांच लाख से अधिक लोग प्रभावित और हजारों बेघर हो गए हैं. प्रशासन और बचाव दल राहत कार्यों में जुटे हैं.

प्रयागराज

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उत्तर भारत के कई राज्यों में एक हफ़्ते से हो रही मूसलाधार वर्षा के कारण गंगा और यमुना रौद्र रूप धारण कर चुकी हैं. दोनों नदियों के जल स्तर ने सोमवार सुबह नौ बजे वर्ष 2013 के रिकार्ड को तोड़ दिया.

वर्ष 2023 में गंगा का जल स्तर 86.8 मीटर था, जो सोमवार सुबह 86.9 मीटर पर पहुंच गया. इसी तरह यमुना का जल स्तर वर्ष 2013 में 86.6 मीटर तक पहुंचा था, जो सोमवार सुबह 86.8 मीटर पर पहुंच गया. बाढ़ से शहर की 61 बस्तियां तथा 275 गांवों के पांच लाख लोग प्रभावित हो गए हैं. लगभग 80 हज़ार बाढ़ पीड़ित बेघर हो चुके हैं. जनपद में कुल 19 बाढ़ राहत शिविरों में नौ हज़ार से ज़्यादा प्रभावित लोग शरण ले चुके हैं.

राहत कार्य में तैनात जवान

राहत कार्य में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ तथा जल पुलिस व पीएसी बाढ़ राहत दल के 600 जवानों को उतार दिया गया है. लगभग 250 नावों और 30 मोटर बोट व स्टीमर लगाई गई हैं.

कमिश्नर, डीएम, एडीएम सभी एसडीएम व तहसीलदार भी सुबह से ही प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच गए हैं. दोपहर में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने आएंगे. वह राहत शिविरों के साथ ही बाढ़ से घिरे मोहल्लों में जाएंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ मंगलवार को आएंगे और बाढ़ प्रभावित इलाक़ों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे. बाद में सर्किट हाउस में बैठक कर राहत शिविरों में राशन सामग्री का वितरण करेंगे.

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भारत एक्सप्रेस



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