पीएम मोदी कैबिनेट के फैसले
PM Modi Cabinet Brief: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक की है. इस बैठक से जनता के लिए काफी कुछ निकल आया है. कैबिनेट मीटिंग के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी ब्रीफिंग की है. इसमें कई फैसले किए गए हैं. पहला निर्णय उज्जवला योजना, दूसरा निर्णय मध्यम वर्गीय परिवारों को सस्ती एलपीजी, तीसरा राज्यों में टेक्निकल एजुकेशन इंस्टीट्यूशन की मजबूती, चौथा नॉर्थ-ईस्ट को विशेष विकास पैकेज और पांचवां पुडुचेरी में रेल परियोजना को मंजूरी है.
कैबिनेट में हुए 5 बड़े फैसलों में उज्जवला योजना और सस्ती एलपीजी के लिए सब्सिडी देने का फैसला काफी चर्चा में है. इसके साथ ही नॉर्थ ईस्ट को मिले पैकेज से वो काफी खुश हैं. आइये जानें सरकार ने कौन से 5 बड़े फैसले किए हैं.
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मोदी कैबिनेट के 5 बड़े फैसले
असम और त्रिपुरा के लिए विशेष विकास पैकेज (एसडीपी) की मौजूदा केंद्रीय क्षेत्र योजना के अंतर्गत चार नए घटकों को मंज़ूरी मिली है. इस परियोजना का कुल परिव्यय 7,250 करोड़ रुपये है, जिसमें से 4,250 करोड़ रुपये असम (4000 करोड़ रुपये) और त्रिपुरा (250 करोड़ रुपये) के लिए मौजूदा केंद्रीय क्षेत्र विशेष विकास पैकेज योजना के अंतर्गत प्रदान किए जाएंगे. शेष 3,000 करोड़ रुपये असम राज्य सरकार अपने संसाधनों से प्रदान करेगी.
तमिलनाडु में मरक्कनम-पुडुचेरी (46 किमी) के 4-लेन राजमार्ग के निर्माण को मंज़ूरी मिली है. परियोजना की कुल पूंजीगत लागत 2,157 करोड़ रुपये है. इस परियोजना से लगभग 8 लाख व्यक्ति-दिवस का प्रत्यक्ष और 10 लाख व्यक्ति-दिवस का अप्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होगा.
मध्यम वर्ग के लिए LPG गैस सस्ती बनी रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट ने 30,000 करोड़ की सब्सिडी को मंजूरी दी है. इससे एलपीजी के दाम नहीं बढ़ेंगे. अगर बाजार के दामों में उछाल आता है तो संभवतः इसी सब्सिडी से कंपनियां रेट को मैनेज करेंगी.
इसके साथ ही उज्जवला योजना के लिए 12,060 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त है. इसका उद्देश्य जनता के जीवन में बदलाव लाना है. अब तक 10.33 करोड़ लोगों को उज्ज्वला कनेक्शन मिले हैं. अब इस एक बार फिर मोदी कैबिनेट ने पीएम उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए 12,060 करोड़ रुपये की सहायता दी है.
मंत्रिमंडल ने 275 तकनीकी शिक्षा में बहु-विषयक शिक्षा एवं अनुसंधान सुधार (एमईआरआईटीई) योजना को मंज़ूरी दी है. इसमें 175 इंजीनियरिंग संस्थान और 100 पॉलिटेक्निक कॉलेज शामिल हैं. राज्यों में टेक्निकल एजुकेशन इंस्टीट्यूशन की मजबूत बनाने में कुल 4200 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
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