China V-Day Parade: चीन ने द्वितीय विश्व युद्ध में जापान पर अपनी विजय की 80वीं वर्षगांठ के मौके पर एक विशाल सैन्य परेड का आयोजन किया, जिसमें राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरियाई के शासक किम जोंग उन सभी मौजूद रहे. इस परेड में 10,000 से ज़्यादा चीनी सैनिकों ने हिस्सा लिया. इसके अलावा सेना ने परमाणु-सक्षम बैलेस्टिक मिसाइल सहित कई नए अत्याधुनिक हथियारों की झांकी निकाली.
यह महज़ परेड भर नहीं था, यह दो दशकों से ज्यादा समय से, नॉलेज, टेक्नोलॉजी, सुपर इंटेलिजेंस के जरिए निरंतर आगे बढ़ रहे चीन की नई प्रतिमा थी, जो नए तरह के खतरों और मॉर्डन वारफेयर में चीन का का कद बता रहा था.
चीन ने 1949 में पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की स्थापना के बाद से अक्टूबर 1959 तक हर साल एक सैन्य परेड का आयोजन किया. उसके बाद यह परेड बंद कर दी गई और 1984 में इसे फिर से शुरू किया गया.
शी जिनपिंग के शासनकाल में विजय दिवस पर पहली सैन्य परेड 2015 में युद्ध की समाप्ति की 70वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित की गई थी. इस सप्ताह यह दूसरी बार था जब चीन ने इस अवसर को एक बड़े सैन्य परेड के साथ मनाया.
66 सालों में पहली बार साथ दिखे तीन ताकतवर शासक
3 सितंबर को आयोजित इस परेड में 66 वर्षों में ये पहला मौका था जब चीन, रूस और उत्तर कोरिया के शासक बीजिंग में एक साथ मिले हैं. आखिरी बार ऐसा 1959 की सैन्य परेड में किया था, तब अमेरिका और सोवियत संघ (USSR) के बीच शीत युद्ध अपने चरम पर था.

विजय दिवस परेड का उद्देश्य चीन की राष्ट्रीय प्रतिष्ठा को बढ़ाना और परमाणु-सक्षम अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें (ICBM) सहित 100 से अधिक तरह के घरेलू हथियारों का प्रदर्शन करके अपनी शक्ति का भी प्रदर्शन करना था.
कुल मिलाकर, परेड में पारंपरिक थल, जल और वायु युद्ध विधियों के बजाय नए युग की युद्ध विधियों का प्रदर्शन किया गया. इसमें हाइपरसोनिक मिसाइलों और उन्हें ले जाने में सक्षम सैन्य विमानों, मानवरहित और मानवयुक्त विमानों का प्रदर्शन किया गया. आइए जानते हैं इस परेड के दौरान दिखाए गए कुछ नए ताकतवर मॉर्डन हथियार
परमाणु शक्ति को और ताकतवर बनाया
चीन के सैन्य परेड में पनडुब्बी से लॉन्च होने वाली बैलिस्टिक मिसाइल (SLBM), JL-3 को दिखाया गया. यह परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है. पिछली पीढ़ी की तुलना में इसकी अधिकतम सीमा बढ़ा दी गई है, जिसका मतलब है कि पूरा अमेरिका इसकी रेंज में रहेगा. भले ही सबमरीन दक्षिण चीन सागर या चीन के पास पूर्वी चीन सागर से मिसाइल लॉन्च करे.

परेड में चीन की अगली पीढ़ी की ICBM, DF-61 का भी प्रदर्शन किया गया. फिलहाल, DF-61 की रेंज, वॉरहेड्स की संख्या, तैनाती की स्थिति या प्रदर्शन के बारे में कोई खास जानकारी मौजूद नहीं है, लेकिन अनुमान है कि इसकी लंबाई 20 मीटर से ज़्यादा होगी और यह DF-41 से बड़ा और ज़्यादा सक्षम माना जा रहा है, जिसकी रेंज लगभग 11,200 किलोमीटर बताई जाती है और यह 10 वॉरहेड्स ले जाने में सक्षम है.
नए सॉलिड-फ्युल वाले DF-61 (Dong Feng- 61) की रेंज 12,000 किलोमीटर से ज़्यादा हो सकती है और यह पूरे अमेरिकी महाद्वीप तक मार करने में सक्षम है. यहां डोंग फेंग का मतलब चीनी भाषा में “पूर्वी हवा” (East Wind) है. चीनी सैन्य और सांस्कृतिक प्रतीक से प्रेरित डोंग फेंग सीरीज की मिसाइल का परीक्षण चीन ने 1970 में करना शुरू किया था
China’s liquid-fueled intercontinental strategic nuclear missiles DongFeng-5C, which have a global strike range, passed through Tian’anmen Square in Wednesday’s V-Day military parade. pic.twitter.com/AFi1B5C6tD
— China Xinhua News (@XHNews) September 3, 2025
इसके अलावा, एक नए लिक्विड–फ्युल वाले ICBM, DF-5C, का भी पहली बार प्रदर्शन किया गया. चीन ने वॉरहेड और बॉडी को अलग-अलग कर इसका प्रदर्शन किया. इसकी मारक क्षमता 20,000 किलोमीटर से ज़्यादा हो सकती है, यह 10 परमाणु हथियार ले जा सकता है और इसकी गति मैक 10 (हवा की गति से 10 गुना) से भी ज़्यादा हो सकती है.
कुल मिलाकर, चीन निश्चित रूप से यह दिखाना चाहता था कि उसके पास पहले से ही टैक्टिकल न्युक्लियर हथियार हैं और वह भी अमेरिका के बराबर शक्तिशाली देश है.
हाइपरसोनिक मिसाइलें
विजय दिवस के इस परेड में कई हाइपरसोनिक मिसाइलों का भी प्रदर्शन किया, जिनमें YJ-21 भी शामिल है. चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की पूर्वी थिएटर कमान ने 1 अप्रैल को ताइवान के आसपास अपने संयुक्त अभ्यास के दौरान YJ-21 बैलिस्टिक मिसाइल ले जाने वाले H-6K बमवर्षक को तैनात किया.

इसे एक और “एयरक्राफ्ट कैरियर किलर” करार दिया गया है, जो मैक 10 की गति से और लगभग 2,000 किलोमीटर की दूरी तक अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर पर हमला करने में सक्षम है.
मोबाइल एयर डिफेंस प्लेटफॉर्म
चीन ने इस परेड में HQ-29 का भी प्रदर्शन किया. यह एक नया मोबाइल एक्सो-एटमॉस्फेरिक एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसे नए ज़माने के खतरों का मुकाबला करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. चीन का दावा है कि यह नया प्लेटफॉर्म हाइपरसोनिक मिसाइलों को रोक सकता है, हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह वास्तव में ऐसा कर सकता है या नहीं.
🇨🇳📹 Six new types of Chinese surface-to-air missiles, including the HQ-19, HQ-12, and HQ-29, were showcased at the parade in Beijing. pic.twitter.com/DODzGsHO97
— Sputnik (@SputnikInt) September 3, 2025
एक्स्ट्रा लार्ज अंडरवॉटर ड्रोन्स
परेड में कई अनमैन्ड व्हीकल दिखाए गए, जिनमें नए मानवरहित सतही पोत (USV), बड़े अंडरवॉटर ड्रोन और कई अनमैन्ड एयर व्हीकल (UAV) शामिल हैं. चीन ने विक्ट्री परेड में दो एक्स्ट्रा लार्ज समुद्री ड्रोनों उतारे. इनमें से पहले का नाम AJX002 है. ये ड्रोन लगभग 18 से 20 मीटर (59 से 66 फीट) लंबा और 1 से 1.5 मीटर (3 से 5 फीट) व्यास का है.

माना जा रहा है कि यह पानी में तैरने वाला परमाणु-सक्षम ड्रोन है. ये ड्रोन्स पानी में घंटो रहकर दुश्मन की जानकारी कंट्रोल रूम तक पहुंचा सकते हैं. लोगों का ध्यान इस ओर भी जा रहा है कि क्या ये ड्रोन आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग कर सकते हैं.
लेज़र एयर डिफेंस सिस्टम
चीन ने अपने नए LY-1 का अनावरण किया, जो जहाज से ऑपरेट होने वाली लेज़र सिस्टम (DEW) द्रारा संचालित होती है. यह ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है. इस सिस्टम का आकार जापान की मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज और कावासाकी हेवी इंडस्ट्रीज द्वारा विकसित किए जा रहे व्हीकल-माउंटेड लेज़र सिस्टम से काफी मिलता-जुलता है.
Touted as the “world’s most powerful,” China’s LY-1 ship-based laser air defense system was displayed on an eight-wheeled truck, with no specs released. pic.twitter.com/WalkQffaA9
— Polymarket Intel (@PolymarketIntel) September 3, 2025
MIA: चीन का छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान
दुनिया भर में अटकलें लगाई जा रही थीं कि परेड में चीन का नया छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान (6th Gen Fighter Jet) भी प्रदर्शन पर होगा. यह स्टील्थ फाइटर जेट पहली बार दिसंबर 2024 में सार्वजनिक रूप से दिखा था, लेकिन यह परेड के दौरान दिखाई नहीं दिया. संभवतः यह अभी भी विकास के चरण में है.
चीन ने साफ तौर पर बताया कि परेड में प्रदर्शित किए गए 100 से अधिक प्रकार के सभी हथियार चीन में ही बनाए गए हैं. बता दें कि चीनी अर्थव्यवस्था में मंदी के बावजूद चीन का रक्षा खर्च लगातार चार वर्षों से 7 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है, जो जापान के लगभग 4.2 गुना तक पहुंच गया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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