Bharat Express Urdu Conclave
NEW DELHI: भारत में लगभग 15 करोड़ लोगों की भाषा उर्दू महज अभिव्यक्ति और संचार का माध्यम नहीं, बल्कि एक भावनात्मक सहारा, सांस्कृतिक विरासत और देश की साझा गंगा-जमुनी तहजीब से जुड़ा एक जीवंत रिश्ता है. इसी विरासत और उर्दू पत्रकारिता के बदलते परिदृश्य पर सार्थक चर्चा के लिए भारत एक्सप्रेस उर्दू की ओर से ‘बज़्म-ए-सहाफ़त: नए भारत की बात, उर्दू के साथ’ के शीर्षक से उर्दू पत्रकारिता पर राष्ट्रीय कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है.
‘बज़्म-ए-सहाफ़त’ का तीसरा संस्करण 17 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, मैक्स मूलर मार्ग, लोधी रोड में आयोजित हो रहा है. एक दिवसीय कॉन्क्लेव में प्रमुख पत्रकार, बुद्धिजीवी, नीति निर्माता, मीडिया से जुड़ी हस्तियां और सांस्कृतिक क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल होंगे. कार्यक्रम में उर्दू भाषा के प्रचार-प्रसार, उर्दू पत्रकारिता की नई दिशाओं और राष्ट्रीय संवाद में उर्दू के स्थान को और मजबूत करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा.
सीएमडी उपेंद्र राय के नेतृत्व में उर्दू पत्रकारिता के लिए नई पहल
भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क ने अपने सीएमडी उपेंद्र राय के नेतृत्व में ‘बज़्म-ए-सहाफ़त’ की परिकल्पना पेश की है. उपेंद्र राय 25 वर्षों से अधिक समय से पत्रकारिता से जुड़े हैं और स्टार न्यूज, सीएनबीसी, तहलका और सहारा इंडिया मीडिया जैसे संस्थानों में संपादकीय नेतृत्व की जिम्मेदारियां निभा चुके हैं.

उर्दू पत्रकारिता के प्रति सीएमडी उपेंद्र राय का जुड़ाव भी लंबे समय से रहा है. करीब डेढ़ दशक पहले सहारा इंडिया मीडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में उन्होंने भारत के पहले 24 घंटे चलने वाले उर्दू न्यूज चैनल ‘आलमी सहारा टीवी’ की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. आज इसी जुड़ाव की अभिव्यक्ति ‘भारत एक्सप्रेस उर्दू’ के माध्यम से हो रही है, जिसने 3 वर्षों के छोटे से समय में अपनी खबरों, सामग्री और वीडियो के जरिए लगातार बढ़ता हुआ दर्शक वर्ग तैयार किया है.
पहले दो संस्करणों को मिली उल्लेखनीय सराहना
‘बज़्म-ए-सहाफ़त’ का पहला संस्करण 27 अक्टूबर 2024 को नई दिल्ली के उर्दू घर में आयोजित हुआ था. इसमें जाने-माने पत्रकारों, शिक्षाविदों, राजनीतिक नेताओं और सांस्कृतिक हस्तियों ने भाग लिया था.
दूसरे संस्करण का आयोजन 26 नवंबर 2025 को ‘नए भारत की बात, उर्दू के साथ’ विषय पर हुआ, जिसका उद्घाटन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया था. इस अवसर पर केंद्रीय मंत्रियों, नीति निर्माताओं और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों ने हिस्सा लिया था.
राष्ट्रीय संवाद में उर्दू की भूमिका पर होगी चर्चा
इस वर्ष कॉन्क्लेव का केंद्रीय विषय ‘नए भारत की बात, उर्दू के साथ’ है. कार्यक्रम के माध्यम से विकसित होते भारत में उर्दू की भूमिका, इसके भविष्य और राष्ट्रीय स्तर पर इसके बढ़ते महत्व पर चर्चा की जाएगी.
कॉन्क्लेव का उद्देश्य उर्दू पत्रकारिता को महज हाशिये की आवाज के बजाय देश के लोकतांत्रिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक ढांचे में प्रभावी भागीदार के रूप में प्रस्तुत करना है. एक दिवसीय कार्यक्रम में उर्दू पत्रकारिता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों, बदलते सामाजिक और सांस्कृतिक परिदृश्य तथा मीडिया में उर्दू की नई संभावनाओं पर सार्थक विचार-विमर्श होगा.
-भारत एक्सप्रेस
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