India vs Pakistan Match: Asia Cup 2025 के सबसे बड़े मुकाबले से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के ड्रेसिंग रूम में अलग ही माहौल नजर आ रहा है. भारत-पाकिस्तान मैच सिर्फ खेल नहीं, भावनाओं का तूफान बनकर आता है और इस बार वह तूफान सोशल मीडिया और बॉयकॉट की खबरों के साथ भी आया है.
ड्रेसिंग रूम में सख्त हिदायत
सूत्रों की मानें तो खिलाड़ियों ने हेड कोच गौतम गंभीर और सपोर्ट स्टाफ के साथ लंबी बातचीत की. खिलाड़ियों को साफ कहा गया कि वे पेशेवर रहें और मैच को बाकी किसी भी मैच की तरह ही खेलें. लेकिन सवाल ये है कि क्या खिलाड़ी सच में अपनी भावनाओं को नियंत्रित कर पाएंगे? युवा टीम के अधिकांश खिलाड़ी नेट से लौटते ही अपने फोन खोलते हैं और सोशल मीडिया पर हर अपडेट देखते हैं. मई में हुए सीमा विवाद ने भी उन्हें हिला दिया था, और अब इस मैच से जुड़ी बॉयकॉट की बातें और दबाव बढ़ा रही हैं.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोई नहीं रहा मौजूद
मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस का माहौल भी इस तनाव को दिखा रहा था. न हेड कोच, न कप्तान, और न ही कोई खिलाड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए. टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने कहा कि खिलाड़ी जनता की भावनाओं को समझते हैं. उन्होंने कहा, “यह एक संवेदनशील मुद्दा है. हमें यकीन है कि खिलाड़ी भारतीय जनता की भावनाओं को साझा करते हैं. एशिया कप काफी समय तक अनिश्चितता में था, और अब हमें केवल क्रिकेट पर ध्यान देना है.”
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टीम ने की हडल मीटिंग
डच कोच ने यह भी बताया कि शनिवार को टीम ने एक हडल मीटिंग की और स्थिति पर खुलकर चर्चा की. उन्होंने कहा, “हम लोगों की भावनाओं से अवगत हैं. साथ ही, हम इसे पीछे छोड़कर कल देश के लिए खेलने का मौका पाएंगे. परिस्थितियों के बावजूद खिलाड़ी जितना संभव हो पेशेवर और फोकस्ड रहेंगे.”
क्रिकेट या राजनीति?
टेन् डोशेट ने खुलासा किया कि भारत-पाकिस्तान का मैच हमेशा सिर्फ खेल नहीं होता. यह भावनाओं और राष्ट्रभक्ति से जुड़ा होता है. उन्होंने कहा, “लोग कहते हैं कि खेल को राजनीति से अलग करें, लेकिन हर किसी की राय अलग होती है. हम उम्मीद करते हैं कि हमारा खेल देश के प्रति हमारे जज्बात को दर्शाए. हम BCCI और सरकार के निर्णय के अनुसार ही आगे बढ़ रहे हैं.”
वहीं गौतम गंभीर ने खिलाड़ियों को सिखाया कि जो चीजें उनके नियंत्रण में नहीं हैं, उन पर ध्यान न दें. रयान ने कहा, “मैसेज यही था कि केवल क्रिकेट पर ध्यान दें और भावनाओं को पीछे छोड़ें. हर खिलाड़ी अलग स्तर पर भावनाओं को महसूस करता है, लेकिन हमारा फोकस केवल मैच पर होना चाहिए.”
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-भारत एक्सप्रेस
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