दिल्ली हाई कोर्ट से फिल्म निर्माता और निदेशक करण जौहर को बड़ी राहत मिल गई है. हाई कोर्ट ने करण जौहर के खिलाफ वीडियो, मीम्स और सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए अपमानजनक सामग्री को हटाने का आदेश दिया है. करण जौहर ने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा की मांग को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की है. जस्टिस मनमीत पीएस अरोड़ा ने यह आदेश दिया है. कोर्ट 19 फरवरी 2026 को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. फिल्म निर्माता और निदेशक करण जौहर ने दायर याचिका में अपनी पहचान के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया है. उन्होंने दायर याचिका में कहा है कि उनके बिना अनुमति के उनकी फोटो, नाम, आवाज के गलत इस्तेमाल हो रहा है, लिहाजा रोक लगाई जाए.
कोर्ट से सभी प्लेटफॉर्म पर रोक लगाने की मांग
साथ ही इसके अलावे याचिका में यह भी कहा गया है कि कुछ वेबसाइट्स और प्लेटफॉर्म्स को निर्देश देने कि मांग की गई है कि उनके नाम और तस्वीर वाले मग और टी-शर्ट सहित अन्य सामान की अवैध बिक्री पर रोक लगाई जाए. उन्होंने यह भी कहा है कि उनकी पहचान और छवि को नुकसान हो रहा है, बल्कि उनके प्रचार अधिकारों का भी उल्लंघन हो रहा है. उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि ऐसे सभी प्लेटफॉर्म्स पर कानूनी रोक लगाई जाए जो उनके नाम या छवि का व्यावसायिक लाभ के लिए अधिकृत उपयोग कर रहे है.
इससे पहले व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के मामले में फिल्म अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन ने बाद अभिषेक राय बच्चन को हाई कोर्ट से राहत मिल चुकी है. कोर्ट ने कहा था कि प्रतिवादी वेबसाइट्स या एआई जैसी तकनीक से बच्चन के व्यक्तित्व की विशेषताओं जैसे नाम, चित्र और हस्ताक्षर का इस्तेमाल बिना अनुमति के नहीं करें क्योंकि ये अभिषेक बच्चन के पेशेवर कार्य और उनके कैरियर से जुड़ी हुई है.
साथ ही कोर्ट ने गूगल को निर्देश दिया था कि वह अर्जी में दिए गए यूआरएल को हटा दें या उसे निष्क्रिय कर दें. बता दें कि ऐश्वर्या बच्चन, अभिषेक बच्चन, आराध्या बच्चन, अमिताभ बच्चन, अनिल कपूर, रजनीकांत और विराट कोहली भी अपने व्यक्तिगत अधिकारों की सुरक्षा के लिए अदालत का रुख कर चुके है.
भारत एक्सप्रेस
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