Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

डूसू चुनाव के दौरान आचार संहिता और सार्वजनिक संपत्तियों के उल्लंघन और जुलूस निकालने पर दिल्ली हाई कोर्ट नाराज

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के दौरान आचार संहिता उल्लंघन और भारी वाहनों के उपयोग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने कड़ी टिप्पणियां की हैं. कोर्ट ने चुनाव से संबंधित वीडियो फुटेज संरक्षण का आदेश दिया है.

Delhi High Court

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के दौरान आचार संहिता और सार्वजनिक संपत्तियों के उल्लंघन के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने चुनावों में रोल्स रॉयस, फरारी, ट्रैक्टर और जेसीबी जैसे वाहनों के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए इसे गंभीर उल्लंघन बताया है. कोर्ट ने न्यूज चैनलों से 10 सितंबर से 19 सितंबर तक के चुनाव कवरेज से संबंधित वीडियो फुटेज संरक्षित करने को कहा है. कोर्ट 6 नवंबर को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की पीठ सुनवाई कर रही है.

सुनवाई के दौरान जस्टिस गेडेला ने कहा कि छात्रों ने पिछले साल से सबक नहीं लिया. इन्हें अंडरटेकिंग देनी चाहिए थी. वही दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि चुनाव साफ और ग्रीन तरीके से कराए गए हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान तोड़फोड़ के मामले ज्यादा नही हुए. वही एएसजी चेतन शर्मा ने कहा कि इस बार के चुनाव अब तक के सबसे व्यवस्थित रहे. उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश के मुताबिक 6000 चालान काटे गए.

39% मतदान को लोकतंत्र की चिंता बताया

मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय ने कहा कि 39 फीसदी मतदान हुआ, क्या यह चुनावों के व्यवस्थित होने के संकेत है? उन्होंने कहा कि चालान की संख्या और कम मतदान एक दर्दनाक टिप्पणी है, यह हमारे लोकतांत्रिक ढांचे की स्थिति को दर्शाता है. सुनवाई के दौरान एबीवीपी के वकील कोर्ट को यह भी बताया गया कि कोर्ट के आदेश के बावजूद विजय जुलूस निकाला गया, जबकि कोर्ट ने इसकी मनाही की थी. उन्होंने कोर्ट को बताया कि इससे संबंधित उनके पास सबूत मौजूद है. जबकि एएसजी चेतन शर्मा की दलील है कि विपक्ष केवल नकारात्मक पक्ष दिखा रहा है. मैंने जो तस्वीरें दी है, उनमें कैंपस साफ और व्यवस्थित दिख रहा है.

वही पैसे बाटने का भी आरोप लगाया गया है. कोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा दाखिल हलफनामे को रिकॉर्ड पर ले लिया है, जिसमें कहा गया है कि चुनाव के दौरान कार्रवाई की गई और सात उम्मीदवारों को शो-कॉज नोटिस जारी किए गए हैं. हालांकि इन आरोपों से उम्मीदवारों ने इनकार किया है. सीजे उपाध्याय ने कहा कि छात्रों को दूसरा मौका दिया जाना चाहिए, लेकिन कोर्ट के पूर्व में दिए गए आदेश का उल्लंघन शर्मनाक है.

ये भी पढ़ें: बलात्कर के जुर्म में गिरफ्तार समीर मोदी दिल्ली की अदालत में किए गए पेश, जानें कैसे हत्थे चढ़े ‘भगोड़े’ ललित मोदी के भाई

भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital