सुप्रीम कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की पत्नी तजीन फातिमा और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान की ओर से दायर याचिकाओं पर उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.
तजीन फातिमा और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान ने अलग-अलग याचिका दायर कर कथित फर्जी प्रमाण पत्र मामले में उनकी दोषसिद्धि को निलंबित करने की मांग की है. सीजेआई बी आर गवई, जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने दायर याचिका पर सुनवाई के बाद यह नोटिस जारी किया है.
दुर्लभ मामलों में ही दोषसिद्धि पर रोक
मामले की सुनवाई के दौरान याचिककर्ताओ की ओर से पेश वकील निजाम पाशा से कोर्ट ने पूछा कि दोष सिद्धि पर कोर्ट रोक कैसे लगा सकता है. सीजेआई ने वकील से कहा कि कोर्ट दुर्लभ मामलों में ही दोषसिद्धि पर रोक लगा सकता है.
कोर्ट ने यह भी कहा कि अक्सर सजा को निलंबित किया जाता है. दायर याचिका में कहा गया है इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला सही नही है, क्योंकि इस फैसले से उनके आगे के राजनीतिक जीवन में असर पड़ेगा. लिहाजा हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाई जाए.
दो जन्म प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप
बता दें कि अब्दुल्ला आजम खान पर दो जन्म प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप है. यह आरोप अब्दुल्ला आजम के खिलाफ 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान लगाया गया था. अब्दुल्ला आजम के निर्वाचन को चुनौती देते हुए पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खान उर्फ नवेद मियां ने कहा था कि 2017 के विधानसभा चुनाव के समय आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम खान 25 वर्ष के नही थे.
दरअसल निचली अदालत ने 18 अक्टूबर 2023 को आजम खान, उनकी पत्नी और बेटे को सात साल की सजा और जुर्माना लगाया था, जिसके खिलाफ एडीजे एमपी एमएलए कोर्ट रामपुर में अपील दायर किया गया था, जिसपर सुनवाई के बाद कोर्ट ने खारिज कर दिया था, जिसके बाद यह मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट गया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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