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शिक्षा, संस्कृति और स्वदेशी चेतना का संदेश लेकर सीकर पहुंचे डॉ. दिनेश शर्मा, कहा- NEP केंद्र सरकार की दूरदर्शी पहल

एम.के. ग्रुप ग्लोबल एजुकेशन के वार्षिक उत्सव ‘नई उमंग’ में डॉ. दिनेश शर्मा ने नई शिक्षा नीति, संस्कृति, संस्कार और स्वदेशी चेतना पर जोर देते हुए छात्रों और अभिभावकों को प्रेरित किया.

Dr. Dinesh Sharma

एम.के. ग्रुप ग्लोबल एजुकेशन के 22वें वार्षिक उत्सव ‘नई उमंग’ में आयोजित युवा सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा (Dr. Dinesh Sharma) ने अपने प्रेरणादायक भाषण से सबका मन जीत लिया. उन्होंने कहा कि शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है जिससे समाज, राष्ट्र और मानवता को सशक्त बनाया जा सकता है.

NEP केंद्र सरकार की दूरदर्शी पहल- डॉ. शर्मा

उन्होंने नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 को केंद्र सरकार की दूरदर्शी पहल बताया, जो बच्चों के जीवन में खेल, विज्ञान, संगीत, कला और सृजनात्मकता को शिक्षा का हिस्सा बनाती है. डॉ. शर्मा ने कहा कि संस्कार माता-पिता से मिलते हैं इसलिए अपनी माटी, बोली और रीति-रिवाजों को कभी नहीं भूलना चाहिए. उन्होंने संस्कृति को मोतीचूर के लड्डू से तुलना करते हुए कहा कि अनेकता में एकता ही हमारी पहचान है.

भारतीय सोच अपनाने पर जोर

उन्होंने अंग्रेजी मानसिकता को त्यागकर भारतीय सोच अपनाने पर जोर दिया और कहा कि हम दीप जलाकर ज्ञान बांटने वाले हैं, मोमबत्ती जलाकर अंधकार फैलाने वाले नहीं. छात्रों को उन्होंने गुणों को अपनाने और मातृशक्ति का सम्मान करने की सीख दी. अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को समय दें और संवाद करें.

स्वदेशी उत्पादन पर क्या बोले?

विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की बात करते हुए उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति इस दिशा में मजबूत आधार है. हर घर में स्वदेशी उत्पादन और उपभोग को बढ़ावा देना चाहिए, और जीएसटी में छूट इस दिशा में सहायक है.

‘बुजुर्गों का सम्मान हमारी प्रगति की नींव’

सीकर की जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह वीरों की भूमि है और बुजुर्गों का सम्मान हमारी प्रगति की नींव है. बच्चों को सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि खेल, संस्कृति और समाज का अनुभव भी मिलना चाहिए.

प्रतियोगी परीक्षाओं और स्कूल कोर्स पर सुझाव

उन्होंने सुझाव दिया कि यदि सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं और स्कूल कोर्स का प्रशिक्षण दे तो कोचिंग की जरूरत नहीं होगी. उत्तर प्रदेश की अभ्युदय कोचिंग इसका उदाहरण है, जहां निशुल्क पढ़ाई की व्यवस्था है.

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कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें विप्र फाउंडेशन के श्री पवन पारीक, वरिष्ठ नेता श्री भवानी सिंह राठौड़, ओ पी मिश्रा, मनीष ढाका, महावीर ढाका सहित शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी शामिल थे.

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-भारत एक्सप्रेस



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