Yamunotsav 2025: नई दिल्ली के वासुदेव घाट (कश्मीरी गेट के निकट) पर 2-3 नवंबर 2025 को यमुना नदी के संरक्षण और पुनर्जनन के लिए एक भव्य आयोजन हो रहा है. इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक धार्मिक उत्सव के साथ-साथ वैज्ञानिक और नीतिगत सम्मेलन भी शामिल है. दिल्ली सरकार, यमुना संसद, राष्ट्र मंदिर, विवेकानंद रामायण आंदोलन दिल्ली, रोटी बैंक, परमार्थ निकेतन ऋषिकेश और कई संगठन सहयोग कर रहे हैं.
पहला दिन (2 नवंबर): यमुना की यात्रा
सुबह 9 बजे मुख्य अतिथि जेके गुप्ता की अगुवाई में महिलाओं की कैलाश यात्रा शुरू होगी, जिसमें सांसद बांसुरी स्वराज मौजूद रहेंगी. 10 बजे यमुनेश्वरी से लाए गए यमुना जल से चतुर्थेश्वर महादेव की अभिषेक पूजा होगी, जिसमें सभी सांसद, मंत्री और विधायक शामिल होंगे. 11 बजे वृंदावनी मंडली यमुना पर फोकस कार्यक्रम पेश करेगी. दोपहर 2 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रियम शुरू होगा, जिसमें यमुना तट की विशिष्ट परंपराओं और नदी सफाई में योगदान देने वालों के अनुभव साझा किए जाएंगे. शाम 3:30 बजे पूज्य अजय भाई जी यमुना कथा सुनाएंगे और 5:30 बजे परमार्थ निकेतन की पुण्यदास जी के नेतृत्व में यमुना आरती होगी.
दूसरा दिन (3 नवंबर): यमुना कॉन्क्लेव
सुबह 9 बजे बुंदेलखंड के जल संहेलियों द्वारा यमुना पूजन होगा. इसके बाद तीन सत्रों में विशेषज्ञ यमुना की वर्तमान स्थिति, समाधान और समाज की भूमिका पर चर्चा करेंगे. वक्ताओं में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, दिल्ली जल मंत्री विशेश सिंह वमट, प्रो. राधेश्याम शर्मा, डॉ. फैयाज खुदसर आदि शामिल हैं. संचालक संजय सिंह, राजकुमार भाटिया, विवेक शर्मा जैसे अनुभवी पत्रकार होंगे. दोपहर 3 बजे नीतिगत उपायों पर सत्र होगा, जिसमें नमामि गंगे के कार्यकारी निदेशक डॉ. विजय गुप्त भी बोलेंगे.
आयोजन के समापन पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, रामदास आठवले और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के साथ पूज्य अजय भाई जी यमुना आरती करेंगे. यह आयोजन यमुना को केवल धार्मिक नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और सामाजिक दृष्टिकोण से जीवंत करने का संदेश देगा.
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