Laura Wolvaardt
Laura Wolvaardt: भारत में आयोजित ICC विमेंस वन डे वर्ल्ड कप के फाइनल में साउथ अफ्रीकी टीम को भारत के हाथों करारी हार झेलनी पड़ी. यह पहली बार था जब साउथ अफ्रीका की टीम वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बनाने में कामयाब हो पाई थी. वर्ल्ड कप में भारत की जीत के बीच एक नाम जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है वो है साउथ अफ्रीकी कप्तान लॉरा वोलवार्ट. लॉरा भारत के हाथों 52 रनों से मिली हार के बाद भावुक हो गईं. इस विश्वकप में लॉरा ने कई कीर्तिमान स्थापित किये. उन्होंने इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाये. सेमीफाइनल और फाइनल में उन्होंने शतक लगाया. इस विश्वकप में उन्होंने कुल 571 रन बनाये.
भारत से मात खाने के बाद लॉरा वोलवार्ट को रोता देख भारतीय महिला खिलाड़ियों ने उनको संभाला और गले मिलकर उनकी तारीफ की. यह दृश्य देख हर किसी का मन लारा के लिए सम्मान से भर गया.

गर्व का दिन है ये
हार के बाद साउथ अफ्रीकी कपत्ना लॉरा वोलवार्ट ने इसे गर्व का दिन बताया. उन्होंने कहा कि मैं इस टीम पर इससे ज्यादा गर्व नहीं कर सकती. हमने जबरदस्त क्रिकेट खेली. हालांकि हमारा दुर्भाग्य रहा कि हम विश्व कप जीत नहीं पाये. लेकिन एक टीम के रूप में हम और मजबूत बनकर उभरेंगे. हमारा प्रदर्शन या तो बहुत अच्छा था या बहुत बेकार, बीच का कुछ नहीं था.
An excellent effort from Amanjot Kaur has Laura Wolvaardt walking back to the dugout after anchoring the chase 🔥
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— ICC Cricket World Cup (@cricketworldcup) November 2, 2025
लॉरा ने लगाया शानदार शतक
वर्ल्ड कप फाइनल में लॉरा वोलवार्ट ने शानदार शतकीय पारी खेली. उन्होंने 98 बॉल पर 101 रन बनाये. जिसमें 11 चौके और 1 छक्का शामिल रहा. लॉरा को दीप्ति शर्मा ने आउट किया. इस मैच में उन्होंने 103.06 के औसत से रन बनाये. पूरे मैच में लॉरा एक चट्टान की तरह डटी रहीं. एक छोर पर विकेट गिरते रहे पर लॉरा ने एक मोर्चा संभाले रखा और जब लॉरा 220 रनों पर आउट हुईं. उसके बाद साउथ अफ्रीकी टीम ताश के पत्तों की तरह ढेर हो गई. लॉरा के बाद पूरी टीम मात्र 26 रन ही बना पाई. लॉरा ने एक मर्दानी की तरह इस खेल के मैदान पर डटी रहीं और अंत तक लड़ती रहीं.

पहली बार भारत बना चैंपियन
ICC विमेंस वन डे वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने इतिहास रचते हुए पहली बार यह खिताब अपने नाम किया. डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए इस मैच में भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका के सामने 298 रनों का विशाल स्कोर रखा. जवाब में उतरी साउथ अफ्रीकी टीम मात्र 246 रनों पर ढेर हो गई. इस टूर्नामेंट की प्लेयर ऑफ द सीरीज दीप्ति शर्मा बनी. उन्होंने फाइनल में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अर्ध शतक लगाया. साथ ही गेंदबाजी करते हुए उन्होंने 5 विकेट भी झटके. वहीं शेफाली वर्मा को प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब दिया गया.
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जब खत्म होने वाला था टीम का सफर
इस वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का सफर उतना भी अच्छा नहीं रहा. भारतीय टीम ने अपने अभियान का 30 सितंबर को आगाज किया था. श्रीलंका के खिलाफ खेले गए इस मैच को भारत ने अपने नाम किया था. उसके बाद भारत ने पाकिस्तान को हराकर वर्ल्ड कप में दूसरा मैच जीता. इसके बाद भारत ने ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड के हाथों लगातार 3 मैच हारे. उसके बाद ऐसा लगा कि भारत का सफर अब खत्म हो जाएगा, लेकिन भारतीय टीम ने हार नहीं मानी और आने वाले दो मैच जीतकर सेमीफाइनल की दहलीज पर पहुंच गई. जहां ऑस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल में प्रवेश किया.
-भारत एक्सप्रेस
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