Dev Deepawali 2025: संसार की सबसे प्राचीन नगरियों में से एक वाराणसी में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर देव दीपावली का भव्य आयोजन किया गया, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए. इस वर्ष, काशी (Varanasi) के 84 घाटों पर अभूतपूर्व 25 लाख से अधिक दीये जलाए गए, जो कि पिछले वर्ष (20 लाख) की तुलना में 5 लाख ज्यादा थे. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नमो घाट पर पहला दीप प्रज्वलित कर इस दिव्य उत्सव का विधिवत शुभारंभ किया.
#DevDeepawali– The day when gods descend to Varanasi.
Millions of diyas light up the ghats, turning faith into a living energy. Being from Varanasi, I can say, this isn’t just a festival, it’s a divine experience where light meets devotion & the universe glows.#HarHarMahadev pic.twitter.com/wDSt8ztLi6
— Vikrant Singh (@_vikrantsingh) November 5, 2025
#WATCH | Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath attends Dev Deepawali celebrations in Varanasi. pic.twitter.com/4gztDAXPSo
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#WATCH | Uttar Pradesh | Fireworks adorn the sky at the ghats of Varanasi on the occasion of Dev Deepawali. pic.twitter.com/ppVhE3BHcY
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✨ भव्यता का नया कीर्तिमान
इस महादीपोत्सव (Dev Deepawali) के लिए 15 लाख दीयों का इंतजाम पर्यटन विभाग ने किया, जबकि शेष 10 लाख दीयों की व्यवस्था स्थानीय समितियों और काशी वासियों ने की.
दशाश्वमेध घाट पर होने वाली मुख्य देव दीपावली को इस बार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम पर सजाया गया, जिसने कार्यक्रम को एक विशेष महत्व दिया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्रूज पर बैठकर इस अलौकिक दृश्य का आनंद लिया. बाद में लेजर शो और शानदार आतिशबाजी भी की गई, जिसने गंगा के तट पर एक जादुई समां बांध दिया.
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🌍 विश्व पटल पर दमकी काशी
देव दीपावली के साक्षी बनने के लिए दुनिया भर से श्रद्धालु काशी (Varanasi) पहुंचे. रिपोर्ट के अनुसार, 40 से अधिक देशों के लोग वाराणसी आए और लगभग 20 लाख पर्यटकों के जुटने का अनुमान है. विदेशी पर्यटकों के साथ-साथ जयपुर और कोलकाता के 70 श्रद्धालुओं का एक समूह एक समान वेशभूषा में पहुंचा, जो इस पर्व के प्रति सामूहिक उत्साह को दर्शाता है.
Banaras Echoes with the Global Spirit on Kartik Purnima
On the occasion of Kartik Purnima, as thousands take the sacred Ganga Snan, Banaras once again draws global attention. Visitors from different nations gather along the ghats and immerse themselves into the moment of… pic.twitter.com/TR2WJYbO2l
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— UP Tourism (@uptourismgov) November 5, 2025
देव दीपावली, कार्तिक पूर्णिमा का पवित्र पर्व,
जब गंगा और सरयू के घाट दीपों से जगमगा उठते हैं।
इस दिन भगवान शिव की विजय का उत्सव मनाया जाता है,
और भक्त दीपदान, स्नान व दान से आस्था का प्रकाश फैलाते हैं।#DevDeepawali #Ayodhya #Kashi#DeshkaPehlaChannelDeshkaApnaChannel pic.twitter.com/1ra2n0UNPZ— Doordarshan National दूरदर्शन नेशनल (@DDNational) November 5, 2025
त्रिपुरासुर के संहार से जुड़ी कहानी
देव दीपावली (Dev Deepawali), जिसकी कहानी भगवान शिव द्वारा त्रिपुरासुर के संहार से जुड़ी है, इस दिन को त्रिपुरारी पूर्णिमा भी कहा जाता है. मान्यता है कि इस विजय के बाद देवताओं ने धरती पर उतरकर दीये जलाए थे, तभी से यह परंपरा चली आ रही है.

काशी (Varanasi) के अलावा, प्रयागराज और मथुरा में भी देव दीपावली मनाई गई, जहाँ क्रमशः 5 लाख और 2 लाख दीये जलाए गए. इससे पहले, अयोध्या में दिवाली के अवसर पर 29 लाख से अधिक दीये जलाकर एक विश्व रिकॉर्ड बनाया गया था.
समग्र रूप से, काशी (Varanasi) की देव दीपावली आस्था, संस्कृति और भव्यता का ऐसा संगम रही, जिसने एक बार फिर इसे विश्व पटल पर ‘सिटी ऑफ लाइट’ के रूप में स्थापित कर दिया.
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