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राम मंदिर में कार्तिक पूर्णिमा पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, सरयू में स्‍नान के बीच गूंजा जय श्री राम का उद्घोष

Shri Ram Janmbhoomi Temple: कार्तिक पूर्णिमा पर सरयू स्नान के बाद श्रद्धालुओं का हुजूम श्री राम जन्मभूमि मंदिर में उमड़ पड़ा. ट्रस्ट ने भव्य तस्वीरें जारी कीं. लाखों भक्तों ने रामलला के दर्शन कर जय श्री राम का उद्घोष किया.

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रामलला के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़.

Ayodhya Ram Temple: आज बुधवार, 5 नवंबर 2025 को कार्तिक मास की पूर्णिमा के पावन पर्व पर अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. सरयू नदी में पवित्र स्नान के बाद हजारों श्रद्धालु प्रभु श्री रामलला के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस भव्य दृश्य को दर्शाती तस्वीरें जारी की, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं, जो भक्ति और श्रद्धा का परिचय दे रही हैं.

ऐतिहासिक परियोजना की भव्यता

ट्रस्ट द्वारा साझा की गई तस्वीरों में मंदिर का शानदार ढांचा और श्रद्धालुओं का उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है. एक तस्वीर में मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर भक्तों की भीड़ नजर आ रही है, जहां लोग रामलला के दर्शन के लिए उत्सुक दिखे. दूसरी तस्वीर में मंदिर के भीतर की सजावट और रामलला की मूर्ति को फूलों से सजाया गया देखा जा सकता है, जो इस पर्व की पवित्रता को दर्शाता है. निर्माणाधीन मंदिर का विस्तृत दृश्य भी तस्वीरों में शामिल है, जो इस ऐतिहासिक परियोजना की भव्यता को उजागर करता है.

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राम-सीता, हनुमान की जय-जयकार

कार्तिक पूर्णिमा का यह पर्व हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है, और अयोध्या में इसे भव्य रूप से मनाया जा रहा है. श्रद्धालुओं ने सरयू नदी में डुबकी लगाकर अपने पापों से मुक्ति की कामना की और फिर मंदिर में प्रार्थना की. सोशल मीडिया पर ट्रस्ट के ट्वीट को भक्तों ने उत्साह से साझा किया और “जय श्री राम” के नारे लगाए. कई लोगों ने इस अवसर पर भगवान हनुमान और राम-सीता की जय-जयकार भी की.

आस्था, एकता और भाईचारे का प्रतीक

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के इस कदम से न केवल धार्मिक भावनाओं को बल मिला है, बल्कि अयोध्या के विकास और सांस्कृतिक महत्व को भी रेखांकित किया गया है. भक्तों का कहना है कि रामलला के दर्शन से उन्हें आत्मिक शांति मिली है. यह पर्व न केवल आस्था का, बल्कि एकता और भाईचारे का भी प्रतीक बन गया है, जो अयोध्या को वैश्विक मानचित्र पर और मजबूती दे रहा है.

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