मोदी-नीतीश की जीत की स्क्रिप्ट लिखने वाले PK को NOTA ने पछाड़ा
Bihar Election 2025 Result: बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना जारी है. दोपहर एक बजे तक सामने आए आंकड़ों के अनुसार, NDA की सरकार बनती नजर आ रही है. वहीं RJD वोट के मामले में सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है. हालांकि, पूरे चुनाव में सबसे अधिक चर्चा में रहे प्रशांत किशोर यानी PK और उनके पार्टी जनसुराज कही नजर नहीं आ रही है. उनकी पार्टी को फिलहाल एक भी सीट मिलती नजर नहीं आ रहा है. इतना ही नहीं उन्हें अभी तक इतने वोट भी नहीं मिले कि इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट पर उनका नाम भी आ पाए. वहीं कभी उनकी क्लाइंट रही आम आदमी पार्टी उनसे आगे निकल गई है.
अब तक वेबसाइट पर नहीं आया नाम (Bihar Election Result)
मतगणना के करीब चार घंटे पूरे होने के बाद भी, 200 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ रही PK की पार्टी का मतदान प्रतिशत आयोग की वेबसाइट पर अलग से सामने नहीं आया है. ऐसे में उन्हें सोशल मीडिया में जमकर ट्रोल किया जा रहा है. चौंकाने वाली बात यह है कि लगभग सबसे कम महज 0.32% वोट पाने वाली आम आदमी पार्टी (AAP) के आंकड़े दिख रहे हैं, लेकिन जन सुराज का नहीं.
RJD बनी सबसे बड़ी पार्टी (RJD In Bihar Election Result)
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना शुरू होने के बाद शुरुआती रुझानों में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) वोट शेयर के मामले में सबसे आगे चल रही है, लेकिन रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर (PK) की नवगठित पार्टी जन सुराज का प्रदर्शन ‘अन्य दलों’ की श्रेणी में सिमटता दिख रहा है.
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जीत की स्क्रिप्ट लिखने वाले PK फेल (PK Fail In Bihar Election)
एक जमाना था जब प्रशांत किशोर गुजरात, गोवा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, बिहार समेत दिल्ली में प्रदेश और केंद्र दोनों जगहों पर जीत के लिए पार्टियों और नेताओं की स्क्रिप्ट लिखा करते थे. हालांकि, जब वो खुद चुनावी मैदान में उतरे तो फेल होते नजर आ रहे हैं. ऐसे में उनके बड़े-बड़े दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
NOTA से भी पीछे प्रशांत कुमार (Jan Suraaj PK And NOTA In Bihar Election)
सुबह की शुरुआत में 5 सीटों पर बढ़त बनाकर सुर्खियों में आए प्रशांत किशोर दोपहर एक बजे तक लाइम लाइट से एकदम बाहर हो गए हैं. दोपहर 1 बजे इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट पर दिखाए जा रहे आंकड़ों में नोटा को बिहार की जनता ने 1.84 फीसदी वोट दिए हैं. वहीं प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी को इतने वोट भी नहीं मिले हैं कि उनकी पार्टी का नाम भी दिखाया जा सके.
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क्या PK को मिल पाएगा कुछ?
प्रशांत किशोर ने नरेंद्र मोदी, नीतीश कुमार, ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल सहित कई नेताओं की जीत की स्क्रिप्ट लिखी, अब खुद चुनावी राजनीति के पहले इम्तिहान में हैं. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या रणनीतिकार के रूप में सफल रहे PK, एक राजनेता के रूप में अपनी खुद की जीत की गाथा लिख पाएंगे, या फिर उनका राजनीतिक डेब्यू शुरुआती उत्तेजना के बाद धीमा पड़ जाएगा.
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