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“मोहम्मद शमी को भी लाना जरूरी”… ईडन गार्डन्स में टीम इंडिया की हार के बाद गांगुली ने ऐसा क्यों कहा?

कोलकाता टेस्ट में भारत की हार के बाद ईडन गार्डन्स की पिच पर सवाल उठे. सौरव गांगुली ने पिच से छेड़छाड़ बंद करने की सलाह दी, जबकि गौतम गंभीर ने पिच को सही ठहराया.

Sourav Ganguly vs Gautam Gambhir: कोलकाता टेस्ट में साउथ अफ्रीका ने टीम इंडिया को सिर्फ तीन दिन में 30 रन से हराकर सबको चौंका दिया. इस हार के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठने लगा कि क्या अब भारतीय टीम की ताकत स्पिन नहीं रही? क्या अब स्पिनिंग ट्रैक बनाने बंद कर देने चाहिए? ईडन गार्डन्स की पिच पर सवाल उठे लेकिन क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष और पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने इन सवालों को सिरे से नकार दिया और टीम इंडिया को बड़ी नसीहत दी.

गांगूली का क्या कहना हैं?

गांगुली ने साफ कहा कि पिच बिल्कुल वैसी ही थी जैसे टीम इंडिया ने मांगी थी. उन्होंने कहा कि भारतीय मैनजमेंट को घरेलू मैदान पर दबदबा बनाने के लिए पिचों से छेड़छाड़ करना बंद कर देना चाहिए. उनके मुताबिक पिच ऐसी होनी चाहिए जिस पर बल्लेबाज रन बना सकें और गेंदबाजों को भी विकेट लेने का मौका मिले. यानी बैलेंस्ड पिच ही टीम के लिए फायदेमंद होगी.

गांगुली का गंभीर को संदेश

गांगुली ने गौतम गंभीर को सीधे संदेश देते हुए कहा कि पिच बदलने के बजाय अपनी गेंदबाजी स्ट्रेंथ पर भरोसा करना चाहिए. उन्होंने कहा कि टीम में बुमराह और सिराज जैसे अच्छे गेंदबाज हैं लेकिन मोहम्मद शमी को भी लाना जरूरी है क्योंकि शमी मैच जिताने की क्षमता रखते हैं. गांगुली के बयान से साफ है कि वो टीम इंडिया की स्पेशल पिच मांग से खुश नहीं हैं.

गौतम गंभीर ने क्या कहा?

वहीं गौतम गंभीर ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उन्हें वैसी ही पिच मिली जैसी उन्होंने चाही थी. उन्होंने माना कि अगर आप अच्छा नहीं खेलोगे तो हारना ही पड़ेगा. गंभीर ने कहा कि 124 रन का लक्ष्य चेज करने लायक था और पिच में कोई गड़बड़ी नहीं थी.

दोहराई गई गंभीर की गलती

हालांकि गंभीर चाहे अपने फैसले को कितना भी सही ठहराएं लेकिन सच्चाई यही है कि 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में भी ऐसा ही हुआ था. तब भी टीम इंडिया ने स्पिन पिच की मांग की थी और उसका खामियाजा हार के रूप में भुगतना पड़ा था.

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कुल मिलाकर, गांगुली और गंभीर के बयान से साफ है कि भारतीय क्रिकेट में पिच को लेकर सोच में बड़ा फर्क है. गांगुली बैलेंस्ड पिच की वकालत कर रहे हैं जबकि गंभीर टीम मैनेजमेंट की मांग के हिसाब से पिच तैयार करने पर जोर दे रहे हैं लेकिन हार के बाद यह बहस और भी तेज हो गई है कि आखिर टीम इंडिया को किस तरह की पिच पर खेलना चाहिए.

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-भारत एक्सप्रेस



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