Lalu Family Violence History: बिहार विधानसभा चुनाव में राजद की करारी हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव का कुनबा बिखरने के कगार पर पहुंच गया है. लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भाई तेजस्वी यादव पर चप्पल फेंकने का आरोप लगाते हुए परिवार से रिश्ता तोड़ते हुए राजनीति से सन्यास ले लिया. उधर लालू प्रसाद यादव की तीन और बेटियां, रागिनी, चंदा और राजलक्ष्मी ने भी लालू प्रसाद यादव का घर छोड़कर अपने-अपने घर निकल गईं. चर्चाएं चल रही हैं कि तीनों बहनों ने बहन रोहिणी के साथ हुए घटनाक्रम को लेकर ये कदम उठाया है. इसके बाद लालू परिवार बीजेपी और अन्य पार्टियों के निशाने पर है.
यह पहली बार नहीं है कि लालू परिवार पर घर के सदस्यों के साथ हिंसा के आरोप लगे हों. आइये जानते हैं कि लालू परिवार कब-कब मीडिया के लपेटे में आया.
एश्वर्या राय ने लगाये थे गंभीर आरोप
सामाजिक न्याय के मसीहा के रूप में खुद को पेश करने वाले लालू यादव के घर में ही सामंतवाद का नया रूप देखने को मिल रहा है. ऐसा ही एक आरोप उनकी बहू और तेज प्रताप यादव की पत्नी एश्वर्या राय ने लगाई थी.
तेज और एश्वर्या राय की शादी 2018 में हुई थी. एश्वर्या राय भी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री रहे दरोगा प्रसाद राय की पोती और पूर्व मंत्री रहे चंद्रिका राय की बेटी हैं. शादी के कुछ ही समय के बाद एश्वर्या राय तेज प्रताप से अलग होने के लिए तलाक की अर्जी दे दीं. एश्वर्या राय का लालू प्रसाद यादव के घर से रोते हुए निकलना आज भी लोगों के जेहन में है.
तब एश्वर्या राय ने लालू परिपार खास तौर पर राबड़ी देवी पर घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न और घर से बाहर निकालने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि तेज प्रताप उनसे कहते हैं कि उनकी शादी दबाव में कराई गई थी. उन्हें शराब की लत थी और मारपीट करते थे. मामला कोर्ट पहुंचने के बाद लालू परिवार ने एश्वर्या राय से नाता तोड़ लिया और तेज प्रताप के साथ खड़ा रहा.
तेज प्रताप ने खोल दिया था मोर्चा
दूसरी बार लालू परिवार पर ये आरोप तब लगे जब उन्होंने तेज प्रताप यादव को ना सिर्फ घर-परिवार से ना सिर्फ बेदखल कर दिया, बल्कि पार्टी से भी 6 साल के लिए निकाल दिया.
इसका मुख्य कारण था मई 2025 में तेज प्रताप के द्वारा सोशल मीडिया पर एक अन्य महिला के साथ तस्वीर का वायरल किया जाना. जिसमें लिखा गया था कि उनकी इस महिला के साथ 12 सालों से संबंध हैं. हालांकि पोस्ट के कुछ देर बाद ही डिलीट कर दिया गया और तेज प्रताप यादव ने अपना अकाउंट हैक होना बताया. तबतक बहुत देर हो चुकी थी. लालू परिवार ने तेज प्रताप पर कड़ा एक्शन लिया.
परिवार और पार्टी से निकाले जाने के बाद तेज प्रताप यादव बगावती तेवर अख्तियार कर लिये और खुद की पार्टी बनाकर तेजस्वी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने तेजस्वी यादव के रणनीतिक सलाहकार संजय यादव को जयचंद तक करार दिया.
अब रोहिणी आचार्य के आरोप से बिखरा लालू कुनबा
“चुनाव में हार का किसी को जिम्मेदारी नहीं लेनी है. अगर खुद को चाणक्य कहलवाते हो तो जिम्मेदारी भी तुम्हें लेनी होगी. अगर संजय यादव पर उंगली उठाई जाती है तो आपपर चप्पल चलाया जाता है…. किसी के घर में रोहिणी जैसी बेटी-बहन पैदा न हो. मेरे अपमान पर मैं ही नहीं मेरी मां और पिता भी रोए. सास ने सुना तो वो भी फफक पड़ी. मैं राजनीति और परिवार छोड़ रही हूं” ये रोहिणी आचार्य के द्वारा दिया गया बयान है. जो बताता है कि रोहिणी आचार्य के साथ लालू परिवार में क्या किया गया. रोहिणी ने इस दौरान भाई तेजस्वी यादव पर चप्पल मारने का भी आरोप लगाया है.
रोहिणी आचार्य के द्वारा पार्टी और परिवार छोड़े जाने पर भाजपा ने राजद खास तौर पर लालू परिवार को निशाने पर ले लिया. जिसमें कहा कि जिस बेटी ने किडनी देकर अपने बाप की जान बचाई, उसने बेटी की जगह बेटे को चुना. भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने लालू परिवार को महिला विरोधी तक करार दिया.
-भारत एक्सप्रेस
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