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नीतीश कुमार के अलावा जेपी आंदोलन के वो कौन से नेता हैं जो मुख्यमंत्री बने?

बिहार में नीतीश कुमार के 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही, भारतीय राजनीति में एक बार फिर जयप्रकाश नारायण (जेपी) के ‘संपूर्ण क्रांति’ आंदोलन की विरासत चर्चा में आ गई है.

बिहार में नीतीश कुमार के 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही, भारतीय राजनीति में एक बार फिर जयप्रकाश नारायण (जेपी) के ‘संपूर्ण क्रांति’ आंदोलन की विरासत चर्चा में आ गई है. नीतीश कुमार का 20 सालों का ये लंबा राजनीतिक सफर उसी आंदोलन की देन है, जिसने आज एक बार फिर उन्हें बिहार के शीर्ष पद तक पहुंचाया.

लेकिन जेपी आंदोलन से उबर कर इस पद तक पहुंचने वाले ये इकलौते नेता नहीं है. इस ऐतिहासिक जेपी छात्र और युवा आंदोलन ने नेताओं की एक ऐसी पीढ़ी को जन्म दिया, जिन्होंने भारत के दो सबसे बड़े राज्यों की सत्ता संभाली. आइए जानते है वो कौन से नेता है?

लालू प्रसाद यादव (बिहार)

लालू प्रसाद यादव को अक्सर जेपी आंदोलन (JP Movement) की सबसे तेज और असरदार उपज माना जाता है. उस समय वे पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष थे और जेपी के विचारों को मैदान में उतरने वाले सबसे प्रमुख छात्र नेताओं में गिने जाते थे. इसी आंदोलन की नींव पर खड़े होकर वह 1990 में पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बनकर सात वर्षों तक बिहार की बागडोर को संभाला.

मुलायम सिंह यादव (उत्तर प्रदेश)

वहीं, अगर बिहार के बाहर देखें, तो जेपी आंदोलन (JP Movement) की लहर से उभरने वाले दूसरे बड़े नेता थे उत्तर प्रदेश के मुलायम सिंह यादव. लोहियावादी समाजवाद की सोच की  राह पर चलने वाले मुलायम सिंह ने जेपी के बुलावे पर 1975 की इमरजेंसी में जमकर विरोध किया, जिसमें उन्हें जेल भी जाना पड़ा.

आपातकाल के खिलाफ उनका यह संघर्ष ही उनके राजनीतिक जीवन का बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ. जिसके चलते, उनका नाम उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेताओं की सूची में आ गया. मुलायम ने न केवल एक बार बल्कि तीन बार उत्तर प्रदेश को मुख्यमंत्री के तौर पर संभाला.

आपको बता दें कि 1989 में वह पहली बार यूपी के मुख्यमंत्री के रूप में चुने गए.

सिर्फ मुख्यमंत्री तक ही सीमित नहीं

जेपी आंदोलन की कहानी सिर्फ उन नेताओं तक सीमित नहीं रही, जो बाद में मुख्यमंत्री बने. इसी आंदोलन की तपिश से शरद यादव और राम विलास पासवान जैसे बड़े नेताओं ने भी राष्ट्रीय राजनीति में अपनी मजबूत जगह बनाई.

इसके अलावा, आपातकाल के दौरान विरोध की लड़ाई लड़ने वाले नरेंद्र मोदी ने भी उसी दौर के संघर्षों से मिले अनुभव को आगे बढ़ें. इसके बाद वो गुजरात के मुख्यमंत्री बने और फिर देश के प्रधानमंत्री भी.

ये भी पढ़ें: पीएम मोदी ने नीतीश कुमार को बताया कुशल प्रशासक, 10वीं बार CM बनने पर दी शुभकामनाएं

-भारत एक्सप्रेस



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