Sharjeel Imam Bail Hearing: दिल्ली दंगा मामले में जेल में बंद शरजील इमाम समेत अन्य आरोपियों की जमानत याचिका पर 21 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर जमानत का कड़ा विरोध किया. सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज पेश किए, जिनमें यह दिखाया गया कि किस तरह से सीसीटीवी कैमरों को तोड़ा जा रहा था. इस मामले की सुनवाई सोमवार को भी जारी रहेगी.
दिल्ली पुलिस की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एसवी राजू ने कोर्ट को बताया कि इन दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और 530 से अधिक लोग घायल हुए थे. हिंसा के दौरान पेट्रोल बम, पत्थरबाजी, और तेजाब जैसे रसायनों का भी इस्तेमाल किया गया था, जिसमें पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया गया था.
कोर्ट में शरजील इमाम के भड़काऊ वीडियो क्लिप चलाए गए
सुनवाई के दौरान कोर्ट में शरजील इमाम के कुछ वीडियो क्लिप भी चलाए गए, जिनमें वह भड़काऊ बातें करते दिखाई दे रहे थे. एक क्लिप में उन्हें कहते सुना गया, “एक सरकार की मनमानी हम कभी कबूल नहीं करेंगे.” एक अन्य हिस्से में उन्होंने कहा, “काम करने का एक ही तरीका है, सड़क बंद, मामला बंद.” वहीं, एक और वीडियो में शरजील इमाम दिल्ली में दूध और पानी की आपूर्ति बंद करने की बात कह रहे थे. ये बयान नागरिकता से जुड़े कानूनों के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों के दौरान के थे.
ट्रंप की यात्रा से जोड़ा गया समय, ये ‘सोची समझी साजिश’ थी
ASG एसवी राजू ने लाल किले का हवाला देते हुए टिप्पणी की कि जब पढ़े-लिखे बुद्धिजीवी आतंकवादी बन जाते हैं, तो वे जमीनी कार्यकर्ताओं से कहीं ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और इंजीनियरों का देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होना एक ट्रेंड बन गया है.
राजू ने कोर्ट को बताया कि दंगों की योजना शासन परिवर्तन के उद्देश्य से बनाई गई थी और इसके समय को डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के साथ जानबूझकर जोड़ा गया था. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक पूरी तरह से सोची समझी साजिश थी.
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