दिल्ली दंगा मामले में जेल में बंद शरजील इमाम, उमर खालिद सहित अन्य की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर जमानत याचिका का विरोध करते हुए दिल्ली पुलिस ने कई सबूत अदालत के समक्ष पेश किया. दिल्ली पुलिस की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कोर्ट को वीडियो क्लिप दिखाई और कहा कि यह सब तब प्लान किया गया था, जब नागरिकता संशोधन बिल पास होना था. कोर्ट में चलाई गई वीडियो क्लिप में शरजील इमाम कहते दिखे, एक सरकार की मनमानी हम कभी कबूल नहीं करेंगे”
एक और हिस्से में उन्होंने कहा, काम करने का एक ही तरीका है, सड़क बंद, मामला बंद. वही कोर्ट में चलाए गए अन्य वीडियो में शरजील इमाम कह रहा है कि दिल्ली में हम दूध, पानी बंद करना चाहते हैं, ये बयान उस समय के हैं जब नागरिकता से जुड़े कानूनों के खिलाफ देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन चल रहे थें.
मामले की सुनवाई के दौरान एसवी राजू ने लाल किले का हवाला देते हुए कहा कि जब पढ़े लिखे बुद्धिजीवी आतंकवादी बन जाते हैं, तो वे जमीनी कार्यकर्ताओं से कही ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि डॉक्टरों और इंजीनियरों का देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होना एक ट्रेंड बन गया है.
ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान दिल्ली दंगों की योजना
एसवी राजू ने कोर्ट को बताया कि वह कहते हैं कि कोर्ट को नानी याद करा देंगे. वह बाबरी मस्जिद के बारे में बात करते हैं. एसवी राजू ने कहा कि शासन परिवर्तन के उद्देश्य के.साथ इसकी योजना बनाई गई थी, इसलिए इसका समय डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के समय का ही रखा गया. उन्होंने यह भी कहा कि यह एक संयोग नही, बल्कि पूरी सोची समझी साजिश थी.
उन्होंने यह भी कहा कि शरजील इमाम का कहना है कि यह कोई मामूली धरना या विरोध नहीं है. वह कहता है कि यह एक हिंसक विरोध है और आपको असम को भारत से अलग करना है.
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-भारत एक्सप्रेस
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