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जैविक खेती को बढ़ावा! जैव-कीटनाशकों और उर्वरक कच्चे माल पर GST में बड़ी कटौती, जेपी नड्डा ने संसद में दी जानकारी

JP Nadda On Bio Pesticides: भारत में सीमांत किसानों की उत्पादन लागत कम हो गई है. ये जानकारी केंद्रीय उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने दी. उन्होंने कहा कि घोषित सूक्ष्म पोषक उर्वरकों पर जीएसटी को 12% से घटाकर 5% करने से छोटे और सीमांत किसानों की उत्पादन लागत कम हो गई है.

JP Nadda On Bio Pesticides

JP Nadda On Bio Pesticides: भारत में सीमांत किसानों की उत्पादन लागत कम हो गई है. ये जानकारी केंद्रीय उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को दी. 22 सितंबर, 2025 को संसद में उन्होंने कहा कि घोषित सूक्ष्म पोषक उर्वरकों पर जीएसटी को 12% से घटाकर 5% करने से छोटे और सीमांत किसानों की उत्पादन लागत कम हो गई है. ये किसान अक्सर मूल्य में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील होते हैं.

जेपी नड्डा ने कहा कि कम लागत से किसानों को फसल उत्पादन में मदद मिली है. उन्होंने कहा कि भारतीय सूक्ष्म उर्वरक निर्माता संघ के अनुसार, जीएसटी को 12% से घटाकर 5% करने से धान में 140 रुपये प्रति एकड़, गन्ने में 199 रुपये प्रति एकड़, आलू में 446 रुपये प्रति एकड़ और गेहूं में 146 रुपये प्रति एकड़ की बचत होगी.

उर्वरक बनाने के लिए कच्चे कीमतों में कमी

नड्डा ने कहा कि उर्वरक बनाने के लिए अमोनिया और सल्फ्यूरिक एसिड सहित कई महत्वपूर्ण कच्चे माल पर जीएसटी दर को 18% से घटाकर 5% करने से निर्माण लागत घट गई है. इससे इनपुट टैक्स क्रेडिट का संचय कम हो गया है और निर्माताओं के लिए नकदी प्रवाह में सुधार हुआ है. जिससे घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को मिट्टी के पोषक तत्वों की उपलब्धता में सहायता मिलेगी.

जैव-कीटनाशकों पर जीएसटी में कमी

जैव-कीटनाशकों पर जीएसटी को 12% से घटाकर 5% करने से लागत कम होगी और किसानों को कीट प्रबंधन को व्यापक रूप से अपनाने को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने कहा कि जैव-कीटनाशक कीट प्रतिरोध को कम करने और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं.

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कम कीमत किसानों को पहुंचाएंगी मदद

नड्डा ने संसद में कहा कि जेब पर भारी न पड़ने वाली कीमतें किसानों को धीरे धीरे सिंथेटिक रासायनिक कीटनाशकों की जगह सुरक्षित जैविक विकल्प अपनाने में मदद करेंगी. उन्होंने कहा कि टैक्स में मिली यह राहत सीधे तौर पर सरकार की उस पहल को मजबूत करती है, जिसमें जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है. यह तरीका खेती को टिकाऊ बनाता है और फसलों में रासायनिक अवशेष नहीं छोड़ता, जो किसानों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए बेहतर है.

संसद में उर्वरक मंत्रालय द्वारा दिए गए एक बयान के अनुसार, यांत्रिक स्प्रेयर, स्प्रिंकलर, ड्रिप सिंचाई प्रणाली और नोजल पर जीएसटी को 12% से घटाकर 5% करने से कृषि को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

-भारत एक्सप्रेस



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