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Zubeen Garg Death Reason: 12000 पन्नों की चार्जशीट, 394 गवाह…असम पुलिस ने किया मशहूर गायक के कत्‍ल का खुलासा

Zubeen Garg Murder case: मशहूर गायक जुबिन गर्ग की मौत हादसा नहीं बल्कि हत्या थी. पुलिस ने 12 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 5 आरोपी और 394 गवाह हैं. सिंगापुर में हुई साजिश का खुलासा हुआ.

Zubeen Garg Death Investigation: असम के मशहूर गायक जुबिन गर्ग की मौत को पुलिस ने हादसा नहीं बल्कि हत्या बताया है. 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में हुई इस घटना की जांच के बाद असम पुलिस ने कोर्ट में 12 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है. इसमें 394 गवाहों के बयान शामिल हैं. शुरुआत में इसे पानी में डूबने से मौत कहा गया था. लेकिन जांच में पता चला कि यह एक सोची-समझी साजिश थी. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी कई बार कहा था कि यह हत्या है.

असम पुलिस की ओर से तैयार की गई चार्जशीट में पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है. इनमें चार पर हत्या का आरोप है, जबकि एक पर गैर-इरादतन हत्या का आरोप है.

सिंगापुर की घटना का पूरा ब्योरा

जुबिन गर्ग नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में हिस्सा लेने सिंगापुर गए थे. वहां एक यॉट पर पार्टी हो रही थी. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने जुबिन को ज्यादा शराब पिलाई और बिना लाइफ जैकेट के समंदर में उतार दिया. जुबिन को दौरों की समस्या थी और डॉक्टरों ने पानी से दूर रहने की सलाह दी थी. लेकिन आरोपियों ने इसकी परवाह नहीं की. जब जुबिन डूबने लगे, तो उन्हें बचाने में देरी की गई. पानी से निकालने के 75 मिनट बाद ही अस्पताल ले जाया गया. अगर समय पर मदद मिलती, तो शायद उनकी जान बच जाती.

आरोपियों के नाम और भूमिका

चार्जशीट में मुख्य आरोपी श्याम कानू महंता हैं, जो फेस्टिवल के आयोजक थे. उन्होंने जुबिन को शराब की बोतल दी और उनकी मेडिकल स्थिति छिपाई. जुबिन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने जुबिन को नशे में पानी में उतार दिया और उनके पैसे गलत जगह लगाए. बैंड के सदस्य अमृत पर्व महंता ने ज्यादा शराब पिलाई और पानी में उतरने के लिए उकसाया. ड्रमर शेखर ज्योति गोस्वामी ने डूबते वक्त बचाने की कोशिश नहीं की.

जुबिन के चचेरे भाई संदीपन गर्ग पर गैर इरादतन हत्या का आरोप है, क्योंकि उन्होंने दूसरों को उकसाया. इसके अलावा दो पुलिसकर्मी नादेश्वर बोरा और परेश बैश्य पर आपराधिक साजिश का आरोप है.

जांच का सफर और सबूत

इस केस में दो बार पोस्टमॉर्टम हुआ- एक सिंगापुर में और दूसरा गुवाहाटी में. दोनों में मौत की वजह डूबना बताई गई, लेकिन पुलिस की स्पेशल टीम ने साजिश का पता लगाया. मुख्यमंत्री ने जांच पर नजर रखी. हालांकि, पुलिस को आरोप साबित करने में मुश्किल हो सकती है, क्योंकि कुछ सबूत कमजोर हैं. फिर भी, 394 गवाहों के बयान और दस्तावेज इस चार्जशीट को मजबूत बनाते हैं. असम में जुबिन के फैंस इस फैसले से खुश हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं.

आगे क्या होगा

कोर्ट में सुनवाई जल्द शुरू होगी. पुलिस का कहना है कि सभी आरोपी गिरफ्तार हैं और जांच पूरी हो चुकी है. जुबिन गर्ग असम की आवाज थे, उनकी मौत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया. अब देखना है कि कोर्ट क्या फैसला सुनाता है.

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-भारत एक्सप्रेस



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